पिथौरागढ़। चंडाक क्षेत्र के डूंगरा गांव में तेंदुए के हमले की घटना से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। शनिवार सुबह जंगल में बकरियां चराने गए 62 वर्षीय भगवान सिंह बोहरा पर अचानक तेंदुए ने हमला कर दिया। हालांकि बुजुर्ग ने घबराने के बजाय साहस दिखाते हुए तेंदुए का मुकाबला किया और बड़ियाठ से लगातार वार कर अपनी जान बचा ली।

जानकारी के अनुसार, डूंगरा निवासी भगवान सिंह बोहरा पुत्र धन सिंह शनिवार सुबह करीब 10 बजे घर के पास स्थित जंगल में बकरियां चराने गए थे। इसी दौरान झाड़ियों में घात लगाए बैठे तेंदुए ने अचानक उन पर झपट्टा मार दिया। तेंदुए ने उनके बाएं हाथ को अपने जबड़े में जकड़ लिया।

अचानक हुए हमले के बावजूद भगवान सिंह ने हिम्मत नहीं छोड़ी। उन्होंने दाएं हाथ में पकड़ी बड़ियाठ से तेंदुए पर वार करना शुरू कर दिया। करीब दो मिनट तक बुजुर्ग और तेंदुए के बीच संघर्ष चलता रहा। लगातार प्रतिरोध के बाद तेंदुआ पीछे हट गया और जंगल की ओर भाग निकला।

हमले में घायल भगवान सिंह के चिल्लाने की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। इसके बाद उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।

जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. डीपी सिंह के अनुसार, तेंदुए के हमले से बुजुर्ग के दोनों हाथों में गहरे घाव हुए हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है और फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।

घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग के रेंजर दिनेश जोशी भी अस्पताल पहुंचे और घायल बुजुर्ग का हाल जाना। उन्होंने पीड़ित को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।

तेंदुए के आबादी के नजदीक पहुंचकर ग्रामीण पर हमला करने की घटना के बाद डूंगरा और आसपास के इलाकों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने की मांग की है।