पिथौरागढ़। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में नशे के कारोबार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घाट बैरियर क्षेत्र में पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक कार से 40.78 ग्राम अवैध हेरोइन (स्मैक) बरामद कर एक युवक और एक महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार बरामद स्मैक की कीमत करीब 12 लाख रुपये बताई गई है।

यह कार्रवाई एसपी पिथौरागढ़ अक्षय प्रह्लाद कोंडे के निर्देशन में एसओजी और चौकी घाट, कोतवाली पिथौरागढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने की। पुलिस के मुताबिक चेकिंग के दौरान कार सवार ने पुलिस को देखकर संदिग्ध रूप से भागने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस टीम ने उसे रोककर तलाशी ली। कार में एक युवक और एक महिला सवार थे।

तलाशी में 40.78 ग्राम हेरोइन (स्मैक) मिलने के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया और तस्करी में प्रयुक्त कार को सीज कर दिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हिमांशु जोशी उर्फ हेम, निवासी पूल्ड आवास टकाना, उम्र 31 वर्ष और ज्योत्सना खाती उर्फ ज्योति, निवासी मदली तल्ली, कोतवाली चम्पावत, उम्र 35 वर्ष के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ कोतवाली पिथौरागढ़ में धारा 8/21/60 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

‘झनकट से लाकर पिथौरागढ़ में बेचता था’

पुलिस पूछताछ में हिमांशु ने कथित तौर पर बताया कि वह स्वयं स्मैक का आदी है और पिथौरागढ़ में इसकी मांग होने के कारण झनकट से स्मैक लाकर यहां बेचता था। पुलिस के अनुसार उसने शक से बचने के लिए अपनी बचपन की दोस्त ज्योत्सना को भी साथ ले लिया था।

अब पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि यह खेप कहां से आई, इसके पीछे कौन लोग हैं और क्या इसके तार पिथौरागढ़ से बाहर सक्रिय किसी बड़े सप्लाई नेटवर्क से जुड़े हैं।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल—सीमांत पिथौरागढ़ में स्मैक आखिर पहुंच कैसे रही है?

इस गिरफ्तारी ने पिथौरागढ़ जैसे सीमांत और अपेक्षाकृत छोटे जनपद में नशे के बढ़ते कारोबार को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या स्मैक यहां छोटी-छोटी खेपों में अलग-अलग लोगों के माध्यम से पहुंच रही है? या फिर इसके पीछे कोई बड़ा सप्लाई नेटवर्क और सरगना सक्रिय है?

कुछ महीनों पहले भी पिथौरागढ़ पुलिस ने पहाड़ों तक स्मैक पहुंचाने वाले एक कथित मुख्य सप्लायर की गिरफ्तारी की थी। ऐसे में 40.78 ग्राम स्मैक की यह बरामदगी केवल दो आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर पूरी सप्लाई चेन तक पहुंचने की चुनौती भी सामने रखती है।

एसपी अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने प्रेस वार्ता में बताया कि बरामद स्मैक की कीमत करीब 12 लाख रुपये है। उन्होंने नशे के कारोबार में अलग-अलग वर्ग के लोगों के शामिल होने को लेकर चिंता जताई।

एसपी के मुताबिक, नशे के आदी अथवा आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति पैसों के लिए इस तरह की गतिविधियों में शामिल होते हुए सामने आते रहे हैं, लेकिन जब आर्थिक रूप से स्थापित व्यक्ति भी इस तरह के अपराध में शामिल पाया जाता है और उसका अपना सोशल मीडिया चैनल भी हो, तो यह समाज के लिए विशेष रूप से चिंताजनक स्थिति है।

एसपी ने कहा कि इस मामले में पुलिस नशे के स्रोत, सप्लाई चेन और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। जांच में जिसकी भी संलिप्तता सामने आएगी, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस के सामने अब असली चुनौती सप्लाई चेन तक पहुंचना 40.78 ग्राम स्मैक की बरामदगी और दो गिरफ्तारियों के बाद अब निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर हैं। सवाल यह है कि क्या पुलिस उस व्यक्ति या नेटवर्क तक पहुंच पाएगी जहां से यह खेप पिथौरागढ़ के लिए रवाना हुई थी?

क्योंकि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल छोटे कैरियरों की गिरफ्तारी तक सीमित रहने के बजाय सप्लायर से लेकर पूरे नेटवर्क को उजागर करने पर ही प्रभावी हो सकती है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि चरस, स्मैक, हेरोइन अथवा अन्य मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त या तस्करी की जानकारी होने पर मानस हेल्पलाइन-1933, डायल-112 अथवा नजदीकी पुलिस इकाई को सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखने की बात पुलिस ने कही है।

कार्रवाई करने वाली टीम:

उपनिरीक्षक मनोज कुमार (एसओजी), अपर उपनिरीक्षक दीपक खनका (एसओजी), कांस्टेबल गोविन्द रौतेला, कांस्टेबल सोनू कार्की, हेड कांस्टेबल मनमोहन सिंह (चौकी घाट) तथा महिला कांस्टेबल राखी (कोतवाली पिथौरागढ़)।