थल (पिथौरागढ़)। मानसून की पहली मूसलाधार बारिश ने थल क्षेत्र के कई गांवों में भारी तबाही मचाई है। शुक्रवार शाम करीब पांच बजे शुरू हुई तेज बारिश शनिवार सुबह लगभग छह बजे तक लगातार जारी रही। इससे अधोली, दड़मोली, नायल सपोली और लेजम गांवों में मकानों तथा गौशालाओं को गंभीर नुकसान पहुंचा है।

अधोली और दड़मोली गांव में तीन से चार आवासीय मकानों के आंगन की सुरक्षा दीवारें तथा मकानों के पीछे बनी रिटेनिंग वॉल ढह गईं। सुरक्षा दीवारें गिरने से संबंधित मकान अब खतरे की जद में आ गए हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

नायल सपोली गांव में नारायण राम की गौशाला पर भारी मलबा गिरने से वह क्षतिग्रस्त हो गई। रात के समय तेज आवाज सुनकर परिवार के सदस्य तत्काल बाहर निकले और गौशाला में बंधी तीन गायों तथा दो बकरियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि इस दौरान एक गाय घायल हो गई। वहीं गांव के ही खड़क राम के मकान की आंगन की दीवार ढह जाने से उनका मकान भी असुरक्षित हो गया है।

उधर, लेजम गांव में सबसे बड़ा नुकसान सामने आया, जहां भवानी राम की गौशाला पर मलबा गिरने से उसमें बंधी दो गायों की दबकर मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में शोक और चिंता का माहौल है।

आपदा की सूचना मिलते ही राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण शुरू कर दिया। अधिकारी मकानों, गौशालाओं तथा अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।

_ANIL KARKI THAL