डीडीहाट, पिथौरागढ़। रक्षा बंधन की पूर्व संध्या पर अभिलाषा समिति के अंतर्गत संचालित अभिलाषा एकेडमी, डीडीहाट में जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण एवं ‘पानी बचाओ’ अभियान को समर्पित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने पेड़-पौधों को राखी बांधकर प्रकृति के साथ भावनात्मक जुड़ाव का संदेश दिया और वृक्षों, जलस्रोतों तथा जैव विविधता की रक्षा का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बताया गया कि पेड़-पौधे केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि मानव जीवन के सहचर हैं। वृक्ष वायु, जल, मिट्टी और जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों ने प्रकृति के संरक्षण को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी मानते हुए पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रकृति संरक्षण जरूरी : डॉ. किशोर कुमार पंत अभिलाषा समिति के निदेशक एवं ‘वनाग्नि विहीन हिमालय अभियान’ के संयोजक डॉ. किशोर कुमार पंत ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल भावनात्मक विषय नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और सामाजिक आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधों को राखी बांधना एक प्रतीकात्मक पहल है, जिसका वास्तविक उद्देश्य बच्चों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनाना है।

उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जैव विविधता सुरक्षित रहेगी, तभी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित होगा। पर्व और त्योहारों को पर्यावरणीय चेतना से जोड़ने से बच्चों में वैज्ञानिक सोच के साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होती है।

विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि अभिलाषा एकेडमी में शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि विद्यार्थियों को प्रकृति, पर्यावरण और समाज से जोड़ने वाली गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जाता है।

इस अवसर पर चंचल सिंह, प्रबंधक, डॉ. अनिता जोशी, प्रधानाचार्या तथा पहल सिलाई एवं कौशल विकास केंद्र की संयोजिका श्रीमती विमला देवी सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।

राखी का संदेश भाई-बहन से आगे, प्रकृति तक अभिलाषा एकेडमी की इस पहल ने रक्षा बंधन के पारंपरिक भाव को पर्यावरण संरक्षण जैसे व्यापक सामाजिक सरोकार से जोड़ दिया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने संदेश दिया कि पेड़ों की रक्षा, पानी की बचत और जैव विविधता का संरक्षण भी हमारी जिम्मेदारी है।

सीमांत क्षेत्र में पर्यावरणीय शिक्षा को व्यवहारिक गतिविधियों से जोड़ने वाली यह पहल विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी विकसित करने की दिशा में एक सार्थक कदम के रूप में सामने आई।

— वाणी न्यूज़ | पिथौरागढ़