लोहाघाट। पर्यटन, साहसिक पर्यटन, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए प्रसिद्ध लोहाघाट नगर को मास्टर प्लान के तहत स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल शुरू कर दी है। इस संबंध में जिलाधिकारी मनीष कुमार की उपस्थिति तथा नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा की अध्यक्षता में नगर के प्रबुद्ध नागरिकों और सभासदों के साथ एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें नगर के भविष्य के विकास की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि लोहाघाट प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध होने के साथ-साथ क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन स्थलों का प्रवेश द्वार (बेस कैंप) है। यदि नगर का विकास मास्टर प्लान के अनुसार आधुनिक और वैज्ञानिक तरीके से किया जाता है तो आने वाले वर्षों में इसकी तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार मॉडल जिलों के प्रमुख नगरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की योजना पर कार्य कर रही है।
जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी विकास योजना की सफलता के लिए स्थानीय लोगों की सहभागिता आवश्यक है। इसी उद्देश्य से नागरिकों से 30 जुलाई तक अपने सुझाव और आपत्तियां जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने की अपील की गई है, ताकि मास्टर प्लान को अधिक प्रभावी और जनहितकारी बनाया जा सके।
नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा ने कहा कि स्मार्ट सिटी की योजना केवल वर्तमान जरूरतों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे इस प्रकार तैयार किया जाना चाहिए कि यह आगामी 50 वर्षों की आवश्यकताओं को भी पूरा कर सके।
बैठक में मास्टर प्लान के कंसल्टेंट अहरात खान ने बताया कि प्रस्तावित योजना के अंतर्गत आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, चौड़ी सड़कें, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), नदी संरक्षण, पर्याप्त पार्किंग, सुरक्षित यातायात व्यवस्था और अन्य आधारभूत सुविधाओं का समग्र विकास किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना में कालीगांव, पाटन-पाटनी, सुई और कोलीढेक जैसे आसपास के क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है तथा कृषि एवं बागवानी गतिविधियों पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
बैठक में सुभाष बगौली, निर्मल मेहरा, सतीश चंद्र पांडे, एडवोकेट नवीन मुरारी, ईओ सौरभ नेगी, ईओ कमल मेहता, नगर पालिका के सभी सभासद तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।


