30 अगस्त 2026। नादभेद गंधर्वालय संगीत अकादमी की मासिक बैठक का आयोजन 30 अगस्त को किया गया। बैठक में विद्यार्थियों के संगीत प्रशिक्षण के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व, अनुशासन, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक मूल्यों के विकास पर विशेष जोर दिया गया।

अकादमी की ओर से बताया गया कि संगीत केवल एक कला नहीं, बल्कि संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण की सतत यात्रा है। इसी विचार को केंद्र में रखते हुए मासिक बैठक का आयोजन प्रत्येक माह किया जाता है। बैठक का उद्देश्य विद्यार्थियों में नियमित रियाज़ की आदत विकसित करने के साथ गुरु-शिष्य परंपरा, मंचीय शिष्टाचार और सांगीतिक अनुशासन को मजबूत करना है।

बैठक के दौरान विद्यार्थियों ने गायन-वादन प्रस्तुतियां, स्वर एवं लय अभ्यास और सामूहिक अभ्यास में प्रतिभाग किया। इसके साथ ही सांगीतिक विषयों पर चर्चा की गई तथा गुरुजनों ने विद्यार्थियों को आवश्यक मार्गदर्शन दिया। मासिक बैठक के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रगति का मूल्यांकन भी किया जाता है, ताकि उनकी कमियों को पहचानकर उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार किया जा सके।

अकादमी का मानना है कि संगीत शिक्षा विद्यार्थियों में केवल कलात्मक क्षमता ही विकसित नहीं करती, बल्कि उन्हें मंच पर प्रस्तुति देने का आत्मविश्वास, टीम भावना, विनम्रता, समय की पाबंदी और नेतृत्व क्षमता भी प्रदान करती है। नियमित अभ्यास और गुरुजनों के मार्गदर्शन से विद्यार्थियों में संगीत की गहरी समझ विकसित होने के साथ उनका व्यक्तित्व भी संतुलित होता है।

नादभेद गंधर्वालय संगीत अकादमी का संदेश है कि “एक श्रेष्ठ कलाकार वही है, जो कला के साथ संस्कार भी अपनाए।” अकादमी इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए अपने विद्यार्थियों को संगीत के साथ भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास कर रही है।

“संगीत से संस्कार, संस्कार से व्यक्तित्व और व्यक्तित्व से संस्कृति”— इसी मूल भावना के साथ अकादमी की मासिक बैठक विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक निरंतर प्रयास बनी हुई है। vaninews