गंगटोक/नई दिल्ली। सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन सुरंग में हुए भीषण भूस्खलन के बाद कई मजदूरों के फंस जाने से बड़ा हादसा हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सुरंग का प्रवेश मार्ग मलबे से बंद हो गया, जिससे अंदर काम कर रहे श्रमिक बाहर नहीं निकल सके। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है, हालांकि सुरंग के भीतर संदिग्ध मीथेन गैस और कम ऑक्सीजन के कारण अभियान में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला प्रशासन के अनुसार हादसा दक्षिण सिक्किम के समरदुंग क्षेत्र में निर्माणाधीन सुरंग में हुआ, जो तीस्ता स्टेज-VI जलविद्युत परियोजना का हिस्सा है। सुरंग के भीतर फंसे श्रमिकों की सटीक संख्या का सत्यापन किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि सुरंग के अंदर जहरीली गैस की मौजूदगी के कारण शुरुआती बचाव दलों को भी वापस लौटना पड़ा।
घटना की सूचना मिलते ही राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), सिक्किम पुलिस, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। विशेष गैस सुरक्षा उपकरणों से लैस विशेषज्ञ दलों को भी बचाव अभियान में शामिल किया गया है ताकि सुरंग के भीतर सुरक्षित तरीके से पहुंचा जा सके।
अधिकारियों के अनुसार हादसे में कई लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि अनेक मजदूरों के अब भी सुरंग में फंसे होने की आशंका है। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रशासन ने मृतकों और घायलों की आधिकारिक संख्या बचाव अभियान पूरा होने के बाद जारी करने की बात कही है।
सिक्किम सरकार ने पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में किसी भी प्रकार की कमी न रहने के निर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार भी स्थिति पर नजर रखे हुए है और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश, भूस्खलन की आशंका, सुरंग के भीतर कम दृश्यता और गैस रिसाव जैसी परिस्थितियां बचाव कार्य को चुनौतीपूर्ण बना रही हैं। इसके बावजूद राहत दल लगातार मजदूरों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
स्रोत: विभिन्न विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट।


