पिथौरागढ़। जनपद पिथौरागढ़ के एकमात्र अशोक चक्र विजेता बलिदानी बहादुर सिंह की पुण्यतिथि पर 26 सितंबर को उनके पैतृक गांव रावलखेत, गंगोलीहाट स्थित स्मृति स्थल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। शहीद के बड़े भाई त्रिलोक सिंह सहित स्थानीय ग्रामीणों ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके अदम्य साहस एवं सर्वोच्च बलिदान को याद किया।
पुण्यतिथि के अवसर पर शहीद के परिजनों और ग्रामीणों का दर्द भी सामने आया। स्थानीय लोगों के अनुसार, शहीद बहादुर सिंह के बलिदान के बाद उनके नाम पर एक लिंक सड़क निर्माण की घोषणा की गई थी। इस सड़क के बनने से क्षेत्र से जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ की दूरी भी काफी कम हो सकती थी। लेकिन दशकों बीत जाने के बावजूद सड़क निर्माण का काम धरातल पर शुरू नहीं हो सका।
शहीद के बड़े भाई त्रिलोक सिंह ने कहा कि केवल घोषणाएं करना शहीद का सम्मान नहीं है। यदि उनके नाम पर सड़क बनाने का वादा किया गया था, तो उसे धरातल पर उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने क्षेत्र की लगातार उपेक्षा पर चिंता जताते हुए कहा कि महान बलिदान देने वाले वीरों को केवल पुण्यतिथि पर याद करने के बजाय उनके नाम से किए गए वादों को भी पूरा किया जाना चाहिए।
वहीं, पूर्व सैनिक संगठन पिथौरागढ़ की ओर से भी अशोक चक्र विजेता बहादुर सिंह को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। संगठन ने कहा कि उनका अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान पिथौरागढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को देश सेवा और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा।
_ कपिल भट्ट वाणी न्यूज


