पिथौरागढ़। सरकारी अस्पतालों में ड्यूटी के प्रति लापरवाही और मनमानी पर शिकंजा कसने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जे.एस. चुफाल ने शनिवार को महिला अस्पताल और जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। सीएमओ के अचानक पहुंचने से अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजिका की जांच में कई अधिकारियों द्वारा अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं किए जाने का मामला सामने आया। इस पर सीएमओ ने संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

सीएमओ डॉ. चुफाल ने स्पष्ट किया कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में ड्यूटी के प्रति किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह की अनियमितता दोबारा सामने आने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

मरीजों से जाना हाल, भोजन की गुणवत्ता परखी निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य और अस्पताल में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने मरीजों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की और संबंधित कर्मचारियों को भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि भर्ती मरीजों को चिकित्सकों द्वारा लिखी गई सभी आवश्यक दवाएं अस्पताल से ही उपलब्ध कराई जानी चाहिए। मरीजों को दवाओं के लिए बाहर भेजने की स्थिति किसी भी दशा में नहीं होनी चाहिए।

यूआईपी स्टोर में वैक्सीन और जरूरी सामग्री का स्टॉक जांचा इसके बाद सीएमओ ने जिला अस्पताल स्थित यूआईपी स्टोर का निरीक्षण किया। उन्होंने वैक्सीन समेत अन्य आवश्यक सामग्री की उपलब्धता, स्टॉक और रखरखाव की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। संबंधित कार्मिकों को स्टॉक का समुचित रखरखाव करने और आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए।

एनसीडी सेल और मानसिक स्वास्थ्य क्लिनिक का भी निरीक्षण सीएमओ ने अस्पताल के एनसीडी सेल और मानसिक स्वास्थ्य क्लिनिक का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां तैनात कार्मिकों से कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।

डॉ. चुफाल ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि वह अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा और गंभीरता से निर्वहन करे। कार्यस्थल पर अनावश्यक रूप से खाली बैठने के बजाय मरीजों और आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अस्पतालों में अनुशासन, समयबद्धता और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। _ vaninews