देवलथल (पिथौरागढ़), 25 जुलाई। कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर कारगिल युद्ध में देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर वीर शहीद हवलदार गिरीश सामंत (पैरा रेजीमेंट) की 27वीं पुण्यतिथि उनके पैतृक गांव देवलथल स्थित शहीद द्वार एवं स्मृति स्थल पर श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रभक्ति के माहौल में मनाई गई। कार्यक्रम में सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों, जनप्रतिनिधियों, स्कूली बच्चों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके अदम्य साहस और बलिदान को नमन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व सैनिक संगठन के धर्मगुरु नवीन गुरुरानी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। शहीद की वीरांगना श्रीमती शांति सामंत ने विधिवत पूजा-अर्चना कर अपने वीर पति को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद 130 पर्यावरण बटालियन, पूर्व सैनिक संगठन, असम रेजीमेंट के पूर्व सैनिकों, स्थानीय विधायक तथा अन्य गणमान्य नागरिकों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर दो मिनट का मौन रखते हुए राष्ट्र के अमर सपूत को नमन किया।
इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने देशभक्ति गीतों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रेरणादायी प्रस्तुतियों से वातावरण को राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत कर दिया। वक्ताओं ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में इस प्रकार के आयोजन नई पीढ़ी में देशभक्ति, त्याग और सैन्य परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पूर्व सैनिक संगठन ने समाज और संगठन के लिए उत्कृष्ट योगदान देने वाले क्षेत्र संयोजक शंकर सिंह सामंत, किशन सिंह तथा श्याम दत्त जोशी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। वहीं नॉर्थ हिल पब्लिक स्कूल सहित विभिन्न सहयोगियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। संगठन की ओर से शहीद की वीरांगना श्रीमती शांति सामंत को शहीद का चित्र भेंट कर सम्मानित किया गया। भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि समाज यदि अपने शहीदों को इसी प्रकार याद रखेगा तो आने वाली पीढ़ियां भी राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित होती रहेंगी।
पूर्व सैनिक संगठन के सचिव दयाल सिंह ने जिला प्रशासन से शहीद स्मृति आयोजनों को और व्यापक स्वरूप देने की मांग की। उन्होंने सुझाव दिया कि शहीदों की पुण्यतिथियों को स्थानीय मेलों के रूप में विकसित कर विभिन्न सरकारी विभागों के स्टॉल लगाए जाएं, ताकि जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचे और युवाओं में देशभक्ति तथा सामाजिक चेतना का विस्तार हो सके। संगठन ने इस संबंध में जिला प्रशासन से औपचारिक संवाद करने का भी निर्णय लिया।
कार्यक्रम में 130 पर्यावरण बटालियन से सूबेदार सुरेश सिंह, नायब सूबेदार सुरेश पाठक, डीडीहाट विधायक बिशन सिंह चुफाल, असम रेजीमेंट पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष श्याम दत्त जोशी, नॉर्थ हिल पब्लिक स्कूल की प्रबंधक श्रीमती महिमा पाण्डेय, श्रीमती सीजल टमटा, कैप्टन सुन्दर सिंह खड़ायत, राजेन्द्र सिंह, प्रयाग पाण्डेय, देविन्दर सिंह, श्रीमती लक्ष्मी चंद, दीपा जोशी, दीपा चुफाल सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन पूर्व सैनिक संगठन के उपाध्यक्ष रमेश सिंह महर ने किया।
इस अवसर पर एक बार फिर यह संदेश गूंजा कि राष्ट्र अपने वीर सपूतों के बलिदान को कभी नहीं भूल सकता। सीमांत क्षेत्र की यह गौरवशाली परंपरा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी और शहीदों का सम्मान ही राष्ट्र के प्रति सच्ची कृतज्ञता का प्रतीक है।


