चम्पावत, 26 जुलाई।

"शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा..." इन अमर पंक्तियों की भावनाओं को साकार करते हुए कारगिल विजय दिवस के अवसर पर सैनिक कल्याण विभाग, चम्पावत परिसर में 'शौर्य दिवस' का भव्य, गरिमामय एवं भावनात्मक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देशभक्ति, सम्मान और राष्ट्रसेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला।

समारोह का शुभारंभ अमर जवान स्मारक पर मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव सहित अन्य अतिथियों, जनप्रतिनिधियों एवं पूर्व सैनिकों द्वारा दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। पूरे परिसर में भारत माता के जयघोष और वीर शहीदों की अमर गाथाओं से वातावरण देशभक्ति से ओत-प्रोत हो उठा।

कार्यक्रम में कारगिल युद्ध के पूर्व सैनिकों ने सीमा पर लड़े गए युद्ध के रोमांचकारी और प्रेरणादायक संस्मरण साझा किए, जिन्हें सुनकर उपस्थित जनसमूह भावुक हो उठा।

मुख्य अतिथि आनंद सिंह अधिकारी ने कहा कि कारगिल विजय भारतीय सेना के अदम्य साहस, अनुशासन और अटूट संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा समाज को भी वीरों के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।

विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी ने 26 जुलाई 1999 की ऐतिहासिक विजय का स्मरण करते हुए भारतीय सेना के अद्वितीय पराक्रम को विश्व इतिहास की अनुपम मिसाल बताया। वहीं अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी ने सैनिकों के बलिदान को समाज का सर्वोच्च त्याग बताते हुए युवाओं से 'राष्ट्र प्रथम' की भावना अपनाने का आह्वान किया।

एसपी रेखा यादव का युवाओं को प्रेरक संदेश पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने अपने संबोधन में युवाओं को नशे और बुरी आदतों से दूर रहने, सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग करने तथा मेहनत और कौशल विकास के माध्यम से भविष्य संवारने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और उत्तराखंड की वीर भूमि सदैव देश को वीर सपूत देती रही है।

वीर नारियों और पूर्व सैनिकों का हुआ नागरिक सम्मान समारोह में युद्ध के दौरान घायल पूर्व सैनिक नायक दान सिंह मेहता तथा 93 वर्षीय वरिष्ठ पूर्व सैनिक जय दत्त चिलकोटी का शॉल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया। इसके अलावा शहीद सैनिकों की वीर नारियों एवं माताओं—पार्वती देवी, पदमा देवी, बची देवी, हरू देवी, रूपी देवी और चन्द्रकला जोशी को भी सम्मानित कर उनके त्याग और समर्पण को नमन किया गया।

प्रतिभाओं को मिला सम्मान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जीता दिल शौर्य दिवस के अवसर पर आयोजित भाषण और चित्रकला प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। एनसीसी कैडेट्स एवं राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, चम्पावत की छात्राओं ने देशभक्ति गीतों और कुमाऊंनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए एनसीसी चम्पावत, जीजीआईसी चम्पावत, चम्पावत पुलिस की गार्ड ऑफ ऑनर टुकड़ी तथा 119 ओएमसी को भी स्मृति चिह्न प्रदान किए गए।

समारोह में ऑफिसर कमांडिंग 119 ओएमसी लेफ्टिनेंट कर्नल रवि ढिल्लोन, एनसीसी अधिकारी नरेंद्र सिंह नगरकोटी, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल (से.नि.) उमेद सिंह, मुख्य शिक्षा अधिकारी मान सिंह सहित बड़ी संख्या में सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक, वीरांगनाएं, विद्यार्थी एवं नागरिक उपस्थित रहे।

कारगिल विजय दिवस का यह आयोजन केवल एक समारोह नहीं, बल्कि शहीदों के अमर बलिदान को नमन, वीर परिवारों के सम्मान और युवा पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति का संकल्प जगाने वाला प्रेरणादायी महोत्सव बन गया।