पिथौरागढ़, 6 अगस्त।
देवलथल क्षेत्र के ग्राम उड़ाई (ल्यूनागांव) में करीब तीन दिन पूर्व हुई भारी बारिश के कारण हुए भूकटाव के बाद भी प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस बचाव एवं सुरक्षा कार्य शुरू नहीं किया गया है। लगातार हो रही बारिश के चलते भूस्खलन का दायरा बढ़ता जा रहा है, जिससे पूरे गांव में भय का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार प्रकाश पाण्डेय, सुरेश चंद्र पाण्डेय और बंशीधर पाण्डेय के घरों के पीछे की सुरक्षा दीवार तथा भूमि भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है। पहाड़ी से लगातार मलबा घरों की ओर आ रहा है, जिससे मकानों के साथ-साथ जान-माल को भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार वर्षा के कारण भूस्खलन अभी भी जारी है। इस आपदा में गांव की पेयजल पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे कई घरों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। प्रभावित क्षेत्र में भूमि में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं और वर्षा का पानी लगातार इन दरारों में समा रहा है, जिससे अन्य मकानों और पूरे गांव के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है।
प्रभावित परिवारों का आरोप है कि घटना के तीन दिन बीत जाने के बावजूद प्रशासन की ओर से मौके पर कोई प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य शुरू नहीं किया गया है। ग्रामीण स्वयं रात-दिन पहरा देकर अपने घरों और परिवारों की सुरक्षा करने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई है, लेकिन वहां से भी अभी तक कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है। उनका कहना है कि अब तक किसी भी आपदा प्रबंधन टीम ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा उपाय या भूकटाव रोकने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
ग्रामीणों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र में तत्काल विशेषज्ञ टीम भेजकर भूकटाव रोकने के लिए सुरक्षात्मक कार्य शुरू किए जाएं तथा प्रभावित परिवारों को आवश्यक राहत एवं सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसी बड़ी जनहानि से बचा जा सके।
रिपोर्ट – जगदीश कलौनी


