पिथौरागढ़। जनपद के पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिलाने की दिशा में पिथौरागढ़ नगर के ऐतिहासिक सोरगढ़ किला (लंदन फोर्ट) क्षेत्र को विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। इसी क्रम में जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने गुरुवार को प्रस्तावित विकास योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों के साथ परियोजनाओं की प्रगति और रूपरेखा की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जिलाधिकारी को सोरगढ़ किले के आसपास प्रस्तावित हैरिटेज वेंडिंग ज़ोन, पार्किंग व्यवस्था, पर्यटक सुविधाओं तथा ऐतिहासिक सदर रामलीला मैदान के उन्नयन से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने कहा कि इस क्षेत्र का विकास केवल पर्यटन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजन, लोक संस्कृति और जनपद के विशिष्ट उत्पादों को भी नई पहचान देगा।

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित हैरिटेज वेंडिंग ज़ोन स्थानीय युवाओं, स्वयं सहायता समूहों, कारीगरों और छोटे व्यापारियों के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करेगा। इससे स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार मिलने के साथ-साथ पर्यटकों को भी एक ही स्थान पर क्षेत्रीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ा अनुभव प्राप्त होगा।

योजना के तहत विकास कार्यों को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की तैयारी है। पहले चरण में हैरिटेज वेंडिंग ज़ोन, पार्किंग और आवश्यक पर्यटन सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में ऐतिहासिक सदर रामलीला मैदान का सौंदर्यीकरण एवं आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसके अलावा आधुनिक सुविधाओं से युक्त जिला पुस्तकालय और सूचना विभाग कार्यालय के पुनर्निर्माण की भी योजना बनाई गई है।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और ऐतिहासिक स्वरूप दोनों का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य करें ताकि यह महत्वाकांक्षी परियोजना जल्द धरातल पर उतर सके और पिथौरागढ़ पर्यटन के मानचित्र पर एक नए आकर्षण के रूप में स्थापित हो।

निरीक्षण के दौरान मेयर कल्पना देवलाल, उपजिलाधिकारी सदर जितेंद्र वर्मा, तहसीलदार विजय गोस्वामी, सहायक नगर आयुक्त राजदेव जायसी, राकेश देवलाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। _ वाणी न्यूज