थल/पिथौरागढ़।
थल से लगभग दो किलोमीटर दूर चौनीपातल के समीप रविवार को बरार विद्युत परियोजना की नहर टूटने से थल–बेड़ीनाग राजमार्ग पर भारी मलबा और पानी आ गया। नहर के तेज बहाव के कारण दो बड़े पेड़ भी उखड़कर सड़क पर गिर गए, जिससे सुबह करीब 11 बजे राजमार्ग पूरी तरह बंद हो गया।
सड़क बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हल्द्वानी, बेड़ीनाग, पांखू, बागेश्वर तथा थल की ओर आने-जाने वाले सैकड़ों यात्रियों को करीब सवा छह घंटे तक सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा। जाम के चलते लगभग दो किलोमीटर तक वाहनों की लाइन लग गई और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मार्ग खोलने के लिए लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) बेड़ीनाग ने मौके पर जेसीबी मशीन भेजी। हालांकि मलबा हटाने के दौरान मशीन का नेट बोल्ट टूट जाने से राहत कार्य कुछ समय के लिए बाधित हो गया। मरम्मत के बाद जेसीबी ने दोबारा कार्य शुरू किया। बाद में थल की ओर से भी एक अन्य जेसीबी मशीन मौके पर पहुंची, जिसके बाद मलबा हटाने का कार्य तेज किया गया।
इस दौरान थल–पांखू, थल–बागेश्वर और थल–हल्द्वानी मार्गों पर भी यातायात प्रभावित रहा। दिल्ली जाने वाली रोडवेज बस, धारचूला जाने वाली रोडवेज बस तथा मिर्थी जाने वाली केमू बस सहित कई छोटे-बड़े वाहन घंटों तक सड़क खुलने का इंतजार करते रहे।
लगातार राहत एवं मलबा हटाने के कार्य के बाद शाम लगभग 5:15 बजे, यानी करीब 6 घंटे 15 मिनट बाद राजमार्ग पर यातायात बहाल किया जा सका। सड़क खुलने के बाद फंसे वाहनों को क्रमवार गंतव्य की ओर रवाना किया गया।
प्रशासन ने क्षेत्र में सतर्कता बरतने की अपील करते हुए कहा है कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और नहरों के क्षतिग्रस्त होने जैसी घटनाओं की आशंका बनी हुई है। यात्रियों से यात्रा से पहले मार्ग की स्थिति की जानकारी लेकर ही सफर करने का आग्रह किया गया है। REPORT : ANIL KARKI : THAL


