पिथौरागढ़/धारचूला। जनपद पिथौरागढ़ के सिंचाई विभाग खण्ड धारचूला पर क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधि मनोज कोश्यारी ने गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में कहा है कि हरडिया नाले से पिछले दो-तीन वर्षों से आए भारी मलवे के कारण रामगंगा नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित रहा, जिससे नदी में झील जैसी स्थिति बनी हुई थी। स्थानीय लोगों द्वारा लगातार शिकायत किए जाने के बावजूद विभाग ने समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की।

मनोज कोश्यारी के अनुसार, बरसात शुरू होने के बाद विभाग ने दो पोकलैंड मशीनों की मदद से नाले का मलवा हटाया, लेकिन उसे नदी के बीचोंबीच ही डम्प कर दिया। उनका आरोप है कि इससे रामगंगा नदी का बहाव ग्राम पंचायत कालापैर कापड़ी के तोक केंचुआ की ओर मुड़ गया है।

उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में केंचुआ तोक के लगभग 10 परिवारों के सामने जान-माल का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। यदि नदी के बीच जमा मलवे को शीघ्र नहीं हटाया गया, तो लगातार हो रही वर्षा के दौरान बड़ी दुर्घटना होने की आशंका है।

क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधि ने सिंचाई विभाग खण्ड धारचूला के अधिकारियों से तत्काल नदी के बीच डम्प किए गए मलवे को हटाकर रामगंगा नदी का प्राकृतिक प्रवाह सुरक्षित रूप से बहाल करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विभाग की लापरवाही के कारण कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों की होगी।

नोट: यह समाचार क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधि मनोज कोश्यारी द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए आरोपों और दावों पर आधारित है।