जागरूकता विशेष | पिथौरागढ़ विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत सैणराथी ने सामाजिक जिम्मेदारी और जनकल्याण की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। ग्राम प्रधान मुकेश सिंह मेहता की अध्यक्षता में आयोजित खुली बैठक में बेटियों के सम्मान, जरूरतमंद परिवारों की सहायता और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।

बैठक में तय किया गया कि पंचायत क्षेत्र में किसी भी परिवार में बेटी के जन्म पर ₹1000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना, लिंग समानता को बढ़ावा देना और "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" जैसी सोच को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है।

इसके साथ ही पंचायत ने बेटी के विवाह पर ₹3000 की आर्थिक सहायता देने का भी निर्णय लिया है। पंचायत का मानना है कि यह सहयोग आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए राहत का माध्यम बनेगा और समाज में बेटियों के सम्मान का संदेश देगा।

सिर्फ बेटियों तक ही नहीं, पंचायत ने सामाजिक संवेदनशीलता का परिचय देते हुए असहाय एवं निसंतान परिवारों को प्रतिवर्ष ₹1000 की सहायता देने का भी फैसला लिया है। यह निर्णय समाज के कमजोर वर्गों तक सहयोग पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

ग्राम प्रधान मुकेश सिंह मेहता ने कहा कि पंचायत का दायित्व केवल सड़क, पानी और अन्य विकास कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग के सुख-दुख में सहभागी बनना भी उसकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बेटियों का सम्मान, जरूरतमंद परिवारों की मदद और सामाजिक समरसता को मजबूत करना पंचायत की प्राथमिकता रहेगी।

जागरूकता संदेश सैणराथी ग्राम पंचायत की यह पहल अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी एक प्रेरणा बन सकती है। यदि स्थानीय स्तर पर इस प्रकार की जनहितकारी योजनाएं लागू हों, तो बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच मजबूत होगी और समाज के कमजोर वर्गों को समय पर सहयोग मिल सकेगा। ऐसी पहलें केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और संवेदनशीलता का भी सशक्त संदेश देती हैं।