धारचूला। धारचूला के दूरस्थ स्यांकुरी गांव में तेंदुए की सक्रियता से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। बुधवार देर रात करीब ढाई बजे तेंदुआ एक बकरी के बाड़े में घुस गया और करीब 7 से 8 बकरियों को मार डाला।

बकरियों के शोर की आवाज सुनकर पशुपालक केशर सिंह धामी को घटना का पता चला। उन्होंने आसपास के ग्रामीणों को आवाज लगाई, जिसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तेंदुए को बाड़े के अंदर ही बंद कर दिया।

ग्राम प्रधान गजेंद्र सिंह धामी के अनुसार, दो दिन पहले भी गांव के ही नर सिंह की चार बकरियों को तेंदुआ अपना निवाला बना चुका है। लगातार हो रहे हमलों से दोनों पशुपालकों को आर्थिक नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं है।

घटना की सूचना सुबह ही वन विभाग को दे दी गई। धारचूला से पहुंची वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन पर्याप्त उपकरण उपलब्ध नहीं होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद पिथौरागढ़ से पहुंची दूसरी वन विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ने के प्रयास में जुटी है।

ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ लगातार आबादी के आसपास सक्रिय है, जिससे पशुधन के साथ-साथ मानव सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोनों पशुपालकों को उचित मुआवजा देने तथा क्षेत्र में वन विभाग की नियमित गश्त बढ़ाने की मांग की है। _ मोहन धामी धारचूला