पिथौरागढ़/धारचूला।

धारचूला विकासखंड के सीमांत क्षेत्र जारा जिबली स्थित पीएम श्री राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के उच्चीकरण की वर्षों पुरानी मांग एक बार फिर सड़कों पर उतर आई है। सोमवार को ग्राम प्रधान दुर्गा देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य रमेश सिंह धामी और बड़ी संख्या में ग्रामीण ढोल-नगाड़ों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और सरकार व प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।

ग्रामीणों ने कहा कि "सरकार और प्रशासन शायद सोया हुआ है, इसलिए उसे जगाने के लिए हम ढोल-नगाड़े लेकर आए हैं। क्या पता हमारी आवाज सुनकर अब हमारे विद्यालय का उच्चीकरण हो जाए।"

ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय के उच्चीकरण के लिए वर्षों पहले शासनादेश जारी होने की बात कही गई थी, लेकिन आज तक धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके चलते विद्यार्थियों को इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए दूर-दराज के विद्यालयों में जाना पड़ता है और कई छात्राएं आर्थिक व भौगोलिक कठिनाइयों के कारण आगे की पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाती हैं।

अप्रैल में आमरण अनशन के बाद मिला था लिखित आश्वासन यह पहली बार नहीं है जब जारा जिबली के लोग अपनी मांग लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे हों। अप्रैल 2026 में भी ग्रामीण करीब 110 किलोमीटर की दूरी तय कर पिथौरागढ़ पहुंचे थे। उन्होंने सिल्थाम से कलेक्ट्रेट तक रैली निकालने के बाद आमरण अनशन शुरू किया था। प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद एसडीएम ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया था।

हालांकि चार महीने बीत जाने के बाद भी विद्यालय के उच्चीकरण की दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

ग्रामीण बोले— आश्वासन नहीं, अब कार्रवाई चाहिए क्षेत्र पंचायत सदस्य रमेश सिंह धामी ने कहा कि शासनादेश जारी होने के बावजूद यदि विद्यालय का उच्चीकरण नहीं हो रहा है तो यह सीमांत क्षेत्र के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

ग्राम प्रधान दुर्गा देवी ने कहा कि शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधा के लिए बार-बार जिला मुख्यालय के चक्कर लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को सीमांत क्षेत्रों के बच्चों के हित में तत्काल विद्यालय का उच्चीकरण करना चाहिए।

क्या कहा था मुख्य शिक्षा अधिकारी ने आंदोलन के दौरान मुख्य शिक्षा अधिकारी पिथौरागढ़ तरुण पंत ने कहा था कि— "राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जारा जिबली का चयन पीएम श्री विद्यालय के रूप में किया गया है। वर्तमान में यहां 96 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यालय के उच्चीकरण का प्रस्ताव ब्लॉक स्तर से तैयार कर शासन को भेजा गया था, लेकिन छात्र संख्या निर्धारित मानकों से कम होने के कारण उच्चीकरण नहीं हो पाया है।"

क्या कहा था जिलाधिकारी ने उस समय जिलाधिकारी आशीष भटगाईं ने ग्रामीणों के साथ बैठक के बाद कहा था— "उच्चीकरण की मांग को लेकर ग्रामीणों के साथ बैठक हुई है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही इस मामले में शासन स्तर पर भी आवश्यक कार्रवाई के लिए संपर्क करने को कहा गया है।"

अब ग्रामीणों का सवाल— आखिर कार्रवाई कब होगी?

ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिलाधिकारी दोनों ने कार्रवाई का भरोसा दिया था, लेकिन आज तक विद्यालय का उच्चीकरण नहीं हो सका। उनका आरोप है कि हर बार केवल आश्वासन देकर आंदोलन समाप्त करा दिया जाता है, जबकि धरातल पर कोई बदलाव नहीं दिखाई देता।

ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यदि इस बार भी उनकी मांग पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उनका कहना है कि "सीमांत क्षेत्र के बच्चों के भविष्य से अब और खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"