देहरादून। प्रदेशभर के ग्राम प्रधान अपनी 10 सूत्रीय मांगों के निराकरण को लेकर देहरादून पहुंच गए हैं। प्रदेश प्रधान संगठन उत्तराखंड के बैनर तले ग्राम प्रधानों ने सरकार का ध्यान ग्राम पंचायतों और ग्राम प्रधानों से जुड़ी समस्याओं की ओर आकर्षित करने के लिए 8 अक्टूबर 2026 को सचिवालय घेराव कार्यक्रम का ऐलान किया है।
प्रधान संगठन की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट देहरादून को दिए गए पत्र में बताया गया है कि संगठन पिछले कई महीनों से अपनी मांगों के समाधान के लिए शासन के स्तर पर प्रयास कर रहा है। संगठन का कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों से मुलाकात के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
ये हैं ग्राम प्रधानों की प्रमुख 10 मांगें 1. ग्राम प्रधानों को न्यूनतम ₹20 हजार प्रतिमाह मानदेय दिया जाए तथा ग्राम पंचायत वार्ड सदस्यों को भी खुली बैठक में प्रतिभाग करने पर मानदेय का प्रावधान हो।
2. मनरेगा/V-B-G RAM G योजना में श्रमिकों की उपस्थिति पूर्ण रूप से ऑफलाइन किए जाने की मांग, ताकि नेटवर्क की समस्या वाले क्षेत्रों में भी श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज हो सके। साथ ही अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी ₹600 और कुशल श्रमिकों की ₹800 प्रतिदिन करने की मांग।
3. ग्राम पंचायतों को मिलने वाली राज्य/केंद्रीय वित्तीय धनराशि को जनसंख्या और भौगोलिक क्षेत्रफल के आधार पर बढ़ाया जाए।
4. जिला योजना की बैठकों में ग्राम पंचायतों के प्रस्तावों को प्राथमिकता देने तथा ग्राम प्रधान संगठन को नामित सदस्य के रूप में आमंत्रित करने की मांग।
5. पंचायतीराज एक्ट में वर्णित 29 विभागों को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए।
6. विधायक/सांसद निधि की तर्ज पर ग्राम प्रधान निधि की व्यवस्था की जाए, ताकि आकस्मिक आपदा, आगजनी, राहत और आवश्यक विकास कार्य तेजी से किए जा सकें।
7. ग्राम पंचायतों द्वारा स्वीकृत ₹10 लाख तक के विकास कार्यों के लिए ग्राम पंचायत को ही कार्यदायी संस्था बनाया जाए।
8. ग्राम प्रधानों और उनके परिवारों की सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य बीमा एवं जीवन बीमा की व्यवस्था की जाए।
9. प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की आवास प्लस सर्वे 2024 सूची में पात्र परिवारों के नाम शामिल किए जाने की मांग की गई है।
10. 16वें वित्त आयोग की नई गाइडलाइन के तहत ग्राम पंचायतों द्वारा प्रत्येक परिवार से ₹100 प्रतिमाह/₹1200 वार्षिक टैक्स लेने तथा टैक्स नहीं लगाए जाने पर ग्राम पंचायतों की राशि में कटौती संबंधी व्यवस्था में संशोधन कर ग्राम पंचायतों को टैक्स लगाने की बाध्यता से मुक्त करने की मांग की गई है।
प्रधान संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 7 अक्टूबर तक 10 सूत्रीय मांगों पर आवश्यक कार्रवाई नहीं होती है, तो प्रदेशभर के ग्राम प्रधान 8 अक्टूबर को देहरादून में एकत्र होकर सचिवालय की ओर कूच करेंगे । संगठन की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट को दिए गए अलग पत्र में सचिवालय घेराव के दौरान एक वाहन पर माइक लगाने की अनुमति भी मांगी गई है। संगठन के अनुसार ग्राम प्रधान जनप्रतिनिधि/प्रधानगण के रूप में परेड ग्राउंड से सचिवालय तक जाएंगे और अपनी मांगों को शासन के समक्ष रखेंगे।
अब नजर इस बात पर है कि 8 अक्टूबर को होने वाले ग्राम प्रधानों के इस आंदोलन के बाद शासन की ओर से उनकी 10 सूत्रीय मांगों पर क्या कदम उठाया जाता है।


