पिथौरागढ़। विकास और शिक्षा के बड़े-बड़े दावों के बीच डीडीहाट तहसील के पंथ्याली गांव स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय गोलमानू आज भी बदहाल व्यवस्था की मार झेल रहा है। विद्यालय में वर्तमान में 2 शिक्षक और 11 छात्र अध्ययनरत हैं, लेकिन जिस भवन में बच्चों की पढ़ाई हो रही है, उसकी हालत बेहद दयनीय बताई जा रही है।

विद्यालय के शिक्षकों के अनुसार नए विद्यालय भवन का प्रस्ताव विभाग को भेजा जा चुका है, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि प्रस्ताव कब स्वीकृत होगा और नया भवन कब बनेगा। ऐसे में बच्चों और शिक्षकों को जोखिम भरे भवन में ही पढ़ाई और शिक्षण कार्य करना पड़ रहा है।

स्थिति केवल विद्यालय भवन तक सीमित नहीं है। विद्यालय परिसर का शौचालय भी अत्यंत जर्जर अवस्था में है। स्थानीय लोगों और शिक्षकों का कहना है कि इसकी हालत इतनी खराब है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो किसी तेज़ झटके या बड़े धमाके की आवाज़ से भी यह भरभराकर गिर सकता है। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते नए भवन और शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया, तो बच्चों की सुरक्षा के साथ बड़ा खिलवाड़ होगा। शिक्षा के अधिकार की बात करने वाली व्यवस्था में आखिर कब तक नौनिहालों को ऐसे खतरनाक भवन में पढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ेगा?

बड़ा सवाल जब भवन निर्माण का प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है, तो उसकी स्वीकृति में देरी क्यों? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, या फिर पंथ्याली के इन 11 बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा किसी की प्राथमिकता नहीं है?

REPOR : HARSHIT MEHRA : DIDIHAT