पिथौरागढ़। सोर घाटी की समृद्ध लोक संस्कृति और पारंपरिक विरासत को सहेजने वाले सातूं-आठूं महोत्सव का आयोजन इस वर्ष 19 से 26 अगस्त तक सदर रामलीला मैदान में किया जाएगा। आठ दिवसीय इस महोत्सव में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी धूम रहेगी।
महोत्सव की तैयारियों को लेकर शहर के एक होटल में श्रीरामलीला प्रबंधकारिणी समिति एवं सातूं-आठूं महोत्सव समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह माहरा ने की, जिसमें आयोजन की रूपरेखा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि 17 अगस्त को बिरुड़ पंचमी, 19 अगस्त को सातूं तथा 20 अगस्त को आठूं पर्व मनाया जाएगा। महोत्सव के दौरान प्रतिदिन धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें स्थानीय लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से कुमाऊँ की समृद्ध संस्कृति की झलक पेश करेंगे।
महोत्सव का समापन 26 अगस्त को पारंपरिक विधि-विधान के साथ गौरा-महेश्वर की प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ होगा। आयोजकों का कहना है कि यह महोत्सव क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को सहेजने और नई पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
बैठक में जनार्दन उप्रेती, हेमराज सिंह बिष्ट, दीवान सिंह वल्दिया, गोविन्द सिंह बिष्ट, डॉ. राजेश्वरी कापड़ी, शिवराज सिंह अधिकारी, त्रिभुवन लाल शाह, दिलीप वल्दिया, दीपक कुमार गुप्ता, शुभम शाह, उमेश शाह, राहुल शाह, ममता बोहरा, हेमंती बिष्ट, गीता बोहरा, संगीता मेहरा, राजेन्द्र लाल वर्मा, अशोक पाटनी, होशियार सिंह बुटोला सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


