गंगोलीहाट। समाज सेवा केवल भाषणों से नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर किए गए कार्यों से साबित होती है। गंगोलीहाट क्षेत्र के समाज कार्यकर्ता भरत सिंह परगाईं और उनके साथी अजय बोरा पिछले लंबे समय से इसी सोच के साथ क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। दोनों अब तक क्षेत्र के लगभग 70 गाँवों का भ्रमण कर ग्रामीणों की समस्याओं को सुन चुके हैं और उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।
भरत सिंह परगाईं का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक लाभ की प्राप्ति नहीं, बल्कि मानवता की सेवा करना है। उन्होंने संकल्प लिया है कि जब तक संभव होगा, किसी भी गरीब, असहाय, बुज़ुर्ग, दिव्यांग या जरूरतमंद व्यक्ति को अकेला नहीं छोड़ेंगे। लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाना ही उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है।
भ्रमण के दौरान कई ऐसे परिवार मिले जिनके घरों की छतें बरसात में टपक रही थीं। ऐसे परिवारों के लिए अपने सहयोगियों और सामाजिक संस्थाओं की मदद से पन्नी और टीन की व्यवस्था कराई गई, ताकि वे बरसात के मौसम में सुरक्षित रह सकें।
दोनों समाजसेवियों ने सरकारी योजनाओं से वंचित पात्र लोगों तक लाभ पहुँचाने के लिए भी लगातार प्रयास किए। जिन लोगों के आधार कार्ड नहीं बने थे, उनके आधार कार्ड बनवाने में सहायता की गई, जबकि राशन, पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़े मामलों में संबंधित विभागों से संपर्क कर लोगों की समस्याओं के समाधान का प्रयास किया गया।
भरत सिंह परगाईं ने बताया कि बोयल गाँव की एक बुज़ुर्ग महिला का लगभग 20 वर्षों से बीपीएल राशन कार्ड होने के बावजूद अंत्योदय कार्ड नहीं बन पाया था। लगातार प्रयासों और अधिकारियों से समन्वय के बाद उनका अंत्योदय कार्ड बनवाया गया। उनका कहना है कि उस बुज़ुर्ग महिला की खुशी और आशीर्वाद ही उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है।
इसी प्रकार एक गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति, जो आर्थिक तंगी के कारण इलाज नहीं करा पा रहा था, उसकी चिकित्सा व्यवस्था भी कराई गई। उसे गंगोलीहाट से निःशुल्क एम्बुलेंस के माध्यम से काशीपुर भेजकर उपचार में हरसंभव सहयोग दिया गया।
भरत सिंह परगाईं का कहना है कि उनकी सेवा किसी जाति, धर्म, राजनीति या आर्थिक स्थिति के आधार पर नहीं, बल्कि मानवता के आधार पर होती है। उनके अनुसार हर व्यक्ति समान है और समाज सेवा का उद्देश्य केवल जरूरतमंदों तक सहायता पहुँचाना है।
उन्होंने बताया कि उन्हें विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और स्वयंसेवी संगठनों का भी समय-समय पर सहयोग मिला है। भविष्य में वे एक ट्रस्ट का गठन कर समाज सेवा के कार्यों को और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाना चाहते हैं, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक मदद पहुँचाई जा सके।
भरत सिंह परगाईं और अजय बोरा का कहना है कि समाज सेवा का मार्ग आसान नहीं होता। इसमें चुनौतियाँ और आलोचनाएँ दोनों मिलती हैं, लेकिन उनका विश्वास है कि निस्वार्थ भाव से किया गया हर कार्य अंततः समाज में अपनी अलग पहचान बनाता है। उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि गंगोलीहाट ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड में कोई भी पात्र व्यक्ति अपने अधिकारों और सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे तथा हर जरूरतमंद को समय पर सहायता मिल सके।


