पिथौरागढ़। विश्व अंगदान दिवस के उपलक्ष्य में मानस एकेडमी में अंगदान के महत्व और इसके प्रति जनजागरूकता बढ़ाने को लेकर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में चिकित्सकों, शिक्षाविदों और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने अंगदान को मानवता के लिए सबसे बड़े परोपकारों में से एक बताया।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए एडिशनल सीएमओ डॉ. विमलेश जोशी ने कहा कि आज अंगदान का महत्व लगातार बढ़ रहा है। अंगदान किसी गंभीर रोगी को नया जीवन देने का माध्यम बन सकता है, लेकिन जागरूकता के अभाव में अपेक्षित संख्या में अंगदान नहीं हो पाते हैं। उन्होंने लोगों से अंगदान के प्रति जागरूक होने की अपील की।
स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक कवि जी ने कहा कि अंगदान किसी दूसरे व्यक्ति के जीवन में नई रोशनी जला सकता है। उन्होंने नई पीढ़ी को अंगदान के प्रति जागरूक करने पर जोर देते हुए इसे मानवता का सबसे बड़ा परोपकार बताया। उन्होंने बताया कि उनके पिताजी ने भी देहदान का संकल्प लिया है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में मानस एकेडमी की निदेशक मीनू भट्ट ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं एम्स में अंगदान के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. तारा सिंह ने अंगदान के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमारे समाज में अंगदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने भारतीय चिकित्सा परंपरा का उल्लेख करते हुए भगवान गणेश की कथा और ऋषि सुश्रुत के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि डॉ. शिवाशीष पंत जैसे लिवर दानकर्ता समाज के लिए प्रेरणा और जीवन की आशा हैं।
मानस कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट के निदेशक देवाशीष पंत ने कहा कि उनके परिवार ने अंगदान और अंग प्रत्यारोपण का महत्व करीब से समझा है। उन्होंने बताया कि उनके पिता डॉ. अशोक कुमार पंत का लिवर ट्रांसप्लांट हुआ था और आज भी लिवर प्रत्यारोपण की आवश्यकता वाले मरीज उनके पिता से संपर्क करते हैं। उन्होंने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर लिवर दानकर्ता डॉ. शिवाशीष पंत को एडिशनल सीएमओ डॉ. विमलेश जोशी एवं कवि जी ने पुष्पमाला और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
संगोष्ठी में प्रिंसिपल सुनीता रावत, नेत्रदानी महेश मखौलिया , जयप्रकाश देवाल, हंसी कापड़ी, डॉ. नीरज जोशी, विपिन चंद्र जोशी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन एस.एस. बोहरा ने किया।
अंत में डॉ. तारा सिंह ने कहा कि अंगदान केवल किसी व्यक्ति को अंग देना नहीं, बल्कि उसके जीवन को आगे बढ़ाने का संकल्प है। समाज में इस भावना को बढ़ावा देने के लिए हर व्यक्ति को अंगदान के प्रति जागरूक होना चाहिए। _डॉ तारा सिंह


