पिथौरागढ़। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास एवं स्वरोजगार योजनाओं को बढ़ावा दे रही है। आरसेटी (RSETI) द्वारा संचालित निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम भी ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दे रहे हैं। पिथौरागढ़ के मूनाकोट विकासखंड के ग्राम डुंगरी, पोस्ट मढ़खड़ायत की मूल निवासी लक्ष्मी जोशी की कहानी इसका उदाहरण है।

वर्तमान में जाजरदेवल में रह रही लक्ष्मी जोशी के परिवार में पति, दो बच्चे और सास-ससुर हैं। परिवार की आजीविका मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर थी। सीमित आय के कारण परिवार को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। इसी दौरान लक्ष्मी को आरसेटी पिथौरागढ़ के 35 दिवसीय निःशुल्क ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी मिली।

लक्ष्मी ने आरसेटी से संपर्क कर प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने ब्यूटी एवं सौंदर्य सेवाओं की आधुनिक तकनीकों को पूरी लगन और मेहनत से सीखा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद पति और ससुर के सहयोग से उन्होंने जाजरदेवल में अपना ब्यूटी पार्लर शुरू किया।

शुरुआती दौर में ग्राहकों की संख्या कम रही, लेकिन लक्ष्मी ने हिम्मत नहीं छोड़ी। गुणवत्तापूर्ण सेवाएं, उचित कीमत और ग्राहकों के साथ विनम्र व्यवहार उनकी पहचान बनने लगे। उन्होंने सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर प्रचार-प्रसार के माध्यम से अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया।

आज उनका ब्यूटी पार्लर क्षेत्र में अच्छी पहचान बना चुका है। लक्ष्मी हर महीने करीब 25 से 30 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने साथ दो अन्य लोगों को भी रोजगार दिया है। इससे न केवल उनकी आमदनी बढ़ी, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

लक्ष्मी जोशी का कहना है कि यदि उन्हें आरसेटी का प्रशिक्षण नहीं मिला होता तो शायद वह कभी अपना व्यवसाय शुरू करने का साहस नहीं जुटा पातीं। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उत्तराखंड सरकार का आभार जताते हुए कहा कि कौशल विकास और स्वरोजगार योजनाओं ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया।

लक्ष्मी की सफलता अब क्षेत्र की दूसरी महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही है। उनकी कहानी बताती है कि सही प्रशिक्षण, मेहनत और परिवार के सहयोग से महिलाएं न केवल खुद आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकती हैं।

क्या ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव ला सकता है ? _ कपिल भट्ट वाणी न्यूज