देहरादून। उत्तराखंड के श्रमिकों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार ने वीबी जी राम जी योजना को लागू करते हुए श्रमिकों की न्यूनतम दैनिक मजदूरी में 48 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। अब पात्र श्रमिकों को पहले मिलने वाले 252 रुपये के स्थान पर 300 रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिलेगी। श्रम विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।

सरकार का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य बढ़ती महंगाई के बीच श्रमिकों की आय में वृद्धि करना और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाना है। योजना का लाभ प्रदेश के असंगठित क्षेत्र में कार्यरत निर्माण श्रमिकों, कृषि मजदूरों, दिहाड़ी श्रमिकों तथा अन्य पात्र कामगारों को मिलेगा। सरकार के अनुसार इस निर्णय से राज्य के पांच लाख से अधिक श्रमिक प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे।

श्रम विभाग के मुताबिक, योजना के अंतर्गत केवल न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी ही नहीं, बल्कि श्रमिकों के कल्याण से जुड़े अन्य प्रावधानों को भी प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले श्रमिकों को राहत मिलेगी, जहां जीवनयापन की लागत अपेक्षाकृत अधिक है।

श्रमिक संगठनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे श्रमिक हित में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उनका कहना है कि लंबे समय से न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की मांग की जा रही थी और इस निर्णय से हजारों श्रमिक परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। हालांकि, कुछ संगठनों ने यह भी मांग उठाई है कि महंगाई को देखते हुए न्यूनतम मजदूरी की समीक्षा नियमित अंतराल पर की जानी चाहिए।

राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि श्रमिकों के हितों की रक्षा और उनके सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए भविष्य में भी आवश्यक कदम उठाए जाते रहेंगे।