पिथौरागढ़। विकासखंड कनालीछीना के जूनियर हाईस्कूल कमतोली में कृषि एवं बागवानी को लेकर एक नवाचारी प्रायोगिक परियोजना शुरू की गई है। विद्यालय के छात्र-छात्राएं वैज्ञानिकों और विषय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में विद्यालय परिसर में बटर फ्रूट यानी एवोकाडो के उत्पादन की संभावनाओं का अध्ययन कर रहे हैं।
प्रधानाध्यापक लीला धामी के संयोजन में कक्षा आठ के बाल वैज्ञानिक पियूष कुमार और गुड्डी भट्ट इस परियोजना का नेतृत्व कर रहे हैं, जबकि सुनीता, मनीषा और अंशु सहयोगी के रूप में शामिल हैं। परियोजना का निर्देशन विज्ञान शिक्षक डॉ. सीबी जोशी कर रहे हैं।
डॉ. जोशी ने बताया कि परियोजना के तहत स्कूली पाठ्यक्रम को विद्यालय की गतिविधियों से जोड़ते हुए परिसर में बटर फ्रूट के पौधे रोपित किए गए हैं। उनका कहना है कि कमतोली क्षेत्र में आम, अमरूद और केला जैसे फलों का उत्पादन पहले से होता है। यहां की उपोष्ण जलवायु को देखते हुए एवोकाडो की खेती की अच्छी संभावनाएं हैं। बाजार में एवोकाडो की बेहतर कीमत मिलने के कारण यह परियोजना भविष्य में स्थानीय स्तर पर आजीविका का नया साधन विकसित करने में भी उपयोगी साबित हो सकती है।
परियोजना को वैज्ञानिक आधार देने के लिए रक्षा कृषि अनुसंधान संगठन (डिबेर) के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. हेमंत कुमार पाण्डेय एवं डॉ. वंदना पाण्डेय समय-समय पर विद्यालय को मार्गदर्शन दे रहे हैं। वहीं राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के वनस्पति विज्ञान के प्रोफेसर डॉ. टीएस सिरौला भी बाल वैज्ञानिकों को तकनीकी सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
जिला विज्ञान समन्वयक डॉ. विकास पंत और ब्लॉक विज्ञान समन्वयक श्रीमती विन्देश्वरी ने कक्षा आठ के विज्ञान विषय में पढ़ाए जाने वाले सिद्धांतों को धरातल पर उतारने तथा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक कौशल विकसित करने वाली इस परियोजना की सराहना की है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य हेमा भट्ट, ग्राम प्रधान नीतू भट्ट, सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम नारायण भट्ट, उषा देवी सहित क्षेत्र के लोगों ने परियोजना पर प्रसन्नता जताते हुए विद्यालय के शिक्षकों और बाल वैज्ञानिकों को शुभकामनाएं दी हैं।
रिपोर्ट: जगदीश कालोनी, पिथौरागढ़


