पिथौरागढ़। कैलाश मानसरोवर यात्रा-2026 का प्रथम दल रविवार को टनकपुर से रवाना होने के बाद अपराह्न में पिथौरागढ़ स्थित कुमाऊँ मंडल विकास निगम (केएमवीएन) के पर्यटक आवास गृह पहुँचा। इससे पूर्व प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर से यात्रा के पहले दल को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया।

पिथौरागढ़ पहुँचने पर जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने यात्रियों का स्वागत किया। केएमवीएन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पारंपरिक रीति-रिवाज से तिलक लगाकर और माला पहनाकर श्रद्धालुओं का आत्मीय अभिनंदन किया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने सभी यात्रियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा के प्रत्येक पड़ाव पर आवश्यक सुविधाएँ और व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं।

कैलाश मानसरोवर यात्रा-2026 के प्रथम दल में कुल 49 श्रद्धालु शामिल हैं। इनमें सबसे वरिष्ठ यात्री 68 वर्षीय पुरुषोत्तम खंडेलवाल हैं, जबकि सबसे युवा यात्री 21 वर्षीय हरिकृष्ण चावड़ा हैं।

पिथौरागढ़ प्रवास के दौरान यात्रियों ने उत्तराखण्ड सरकार के हाउस ऑफ हिमालयाज स्टॉल का अवलोकन किया और प्रदेश के पारंपरिक एवं प्राकृतिक उत्पादों में विशेष रुचि दिखाई। श्रद्धालुओं ने उत्पादों की गुणवत्ता और शुद्धता की सराहना करते हुए बड़ी संख्या में खरीदारी की। इस दौरान वाइल्ड फॉरेस्ट हनी, पहाड़ी टोपी, मुनस्यारी राजमा, काला भट्ट और हर्बल टी की सबसे अधिक मांग रही।

स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण साबित हो रही है। अंतरराष्ट्रीय महत्व की कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान स्थानीय उत्पादों को मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया से ग्रामीण उद्यमिता, स्थानीय आजीविका और 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

यात्रियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यात्रा को लेकर उनमें विशेष उत्साह है। उन्होंने बताया कि विभिन्न स्थानों पर स्थानीय प्रशासन और आमजन द्वारा किए जा रहे आत्मीय स्वागत ने यात्रा को और भी यादगार बना दिया है। श्रद्धालुओं ने उत्तराखण्ड सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की भी सराहना की।

जिला प्रशासन एवं केएमवीएन की ओर से यात्रियों के लिए दोपहर के भोजन और विश्राम की समुचित व्यवस्था की गई। इसके बाद प्रथम दल धारचूला के लिए रवाना हो गया, जहाँ रविवार रात्रि विश्राम होगा। यात्रा कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को श्रद्धालु गुंजी के लिए प्रस्थान करेंगे।

जिला प्रशासन ने बताया कि कैलाश मानसरोवर यात्रा-2026 को सुरक्षित, व्यवस्थित और सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ पूरी कर ली गई हैं। #DIPR