थल, पिथौरागढ़। पुंगराऊं घाटी के पांखू स्थित कोटगाड़ी मंदिर धाम से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के तहत भव्य झांकी निकाली गई। झांकी झूमते-गाते हुए थल बाजार से होकर बालेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद लिया।
ढोल-नगाड़ों की गगनभेदी ध्वनि के बीच श्रद्धालु “कृष्णा खड़े मधुबन में हंसे मन ही मन में, राधिका घर जाना है...” और “बड़ी देर भई नंदलाला, तेरी राह तके ब्रज बाला...” जैसे भजनों की धुन पर नाचते-गाते रहे। भक्तों की भक्ति और उत्साह से थल बाजार का माहौल पूरी तरह कृष्णमय हो गया और पूरा क्षेत्र बृजमंडल की गलियों जैसा नजर आया।
झांकी में कृष्ण और सुदामा की मित्रता के मार्मिक प्रसंग का भी शानदार चित्रण किया गया। कृष्ण की भूमिका पृथ्वी कार्की और सुदामा की भूमिका पवन रावत ने निभाई। सुदामा के किरदार में पवन रावत के भावपूर्ण अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा और प्रसंग ने लोगों को भाव-विभोर कर दिया।
इसके बाद झांकी बेड़ीनाग, धरमघर और लोहाथल होते हुए वापस कोटगाड़ी धाम पहुंची। झांकी में आयोजन समिति के अध्यक्ष पंकज सिंह महरा, संयोजक राकेश लोहनी, चंचल रावत, दिनेश आर्या, मनोज कार्की, दीपक कार्की, राजू कार्की, बंशीधर जोशी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और आयोजन समिति के सदस्य मौजूद रहे।
कोटगाड़ी मंदिर में तीन दिवसीय श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। रात्रि में मंदिर परिसर में अखंड कीर्तन-भजन का आयोजन होगा, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय रहेगा। इसके बाद भव्य भंडारे और प्रसाद वितरण के साथ जन्माष्टमी महोत्सव का समापन किया जाएगा।
रिपोर्ट: अनिल कार्की, थल


