उज्जैन ! सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच सड़क चौड़ीकरण की जद में आए खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा को लेकर पिछले कई दिनों से देशभर में चर्चा है। कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों ने अपनी रिपोर्टों में दावा किया कि प्रतिमा को हटाने के लिए भारी मशीनरी और अन्य तकनीकी साधनों से कई प्रयास किए गए, लेकिन प्रतिमा अपनी जगह से नहीं हिली।

यहां तक कि कुछ रिपोर्टों में मजदूरों और मशीनरी द्वारा प्रतिमा के आसपास काम किए जाने के वीडियो/फुटेज भी सामने आने की बात कही गई है। कई रिपोर्टों के अनुसार चार प्रयास असफल रहने के बाद मशीनों का इस्तेमाल रोक दिया गया और प्रतिमा की संरचना व आधार की विशेषज्ञ जांच की बात सामने आई।

इसी बीच अब उज्जैन प्रशासन का आधिकारिक बयान इस पूरे घटनाक्रम पर नया सवाल खड़ा कर रहा है। SDM एल.एन. गर्ग ने स्पष्ट किया है कि प्रतिमा को हटाने या विस्थापित करने के लिए न तो किसी मशीन और न ही मानवीय तरीके का इस्तेमाल किया गया है। प्रशासन ने आगे विशेषज्ञों की वैज्ञानिक एवं तकनीकी राय के बिना प्रतिमा के विस्थापन पर कोई कार्रवाई नहीं करने की बात कही है।

एक तरफ कई मीडिया रिपोर्टों में JCB/भारी मशीनरी से प्रयास और उसके असफल होने की खबरें हैं, दूसरी तरफ प्रशासन कह रहा है कि प्रतिमा को हटाने का प्रयास ही नहीं किया गया।

यही इस पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल है , अगर प्रयास नहीं हुआ तो सामने आए मशीनरी और मजदूरों के वीडियो किस घटनाक्रम के हैं ? अगर प्रयास हुआ था, तो प्रशासन अब इससे इनकार क्यों कर रहा है ? क्या प्रतिमा वास्तव में तकनीकी कारणों से नहीं हिली या इसके पीछे कोई और वजह है?

फिलहाल यह कहना कि यह “चमत्कार” है, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं है। NDTV की रिपोर्ट भी इसे श्रद्धालुओं की आस्था और तकनीकी चुनौती के बीच का मामला बताती है, जबकि प्रशासन ने अभी किसी दैवीय निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है।

लेकिन इतना जरूर है कि प्रतिमा का न हट पाना, सामने आए वीडियो और प्रशासन का नया स्पष्टीकरण—इन तीनों ने पूरे मामले को बेहद दिलचस्प बना दिया है।

क्या खड़े हनुमान जी ने सच में प्रशासन के सामने ऐसी चुनौती खड़ी कर दी, जिसका जवाब मशीनों के पास भी नहीं था ? या फिर पूरे घटनाक्रम की तस्वीर कुछ और है, जिसे प्रशासन और सामने आए वीडियो अलग-अलग तरीके से दिखा रहे हैं?

सच्चाई क्या है—चमत्कार, तकनीकी चुनौती या प्रशासनिक दावों में विरोधाभास?

अब विशेषज्ञों की जांच और प्रशासन की स्पष्ट रिपोर्ट का इंतजार है।

_कपिल भट्ट वाणी न्यूज