नई दिल्ली। चुनाव आयोग में शनिवार, 26 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में चुनाव आयुक्त एसएस संधू और विवेक जोशी भी मौजूद रहे। बैठक के बाद आयोग ने अपने फैसलों की जानकारी जारी की और तीनों चुनाव आयुक्तों की संयुक्त तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की।

लेकिन बैठक की तस्वीर में अधिकारियों के सामने रखी छोटी-छोटी पानी की बोतलें भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गईं। तस्वीर में दिखाई दे रही बोतलों पर Aava ब्रांड का नाम नजर आ रहा है।

Aava की आधिकारिक वेबसाइट पर 250 ML की कांच की बोतल वाले प्राकृतिक मिनरल वाटर के 8 बोतलों के पैक की कीमत फिलहाल 999 रुपये सूचीबद्ध है। यानी ऑनलाइन सूचीबद्ध कीमत के हिसाब से एक 250 ML बोतल करीब 125 रुपये की पड़ती है। इसी गणना से एक लीटर पानी की कीमत लगभग 500 रुपये बैठती है।

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि निर्वाचन सदन की बैठक में रखी गई बोतलें इसी पैक से खरीदी गई थीं या उनकी खरीद कीमत क्या थी। इसलिए तस्वीर के आधार पर सरकारी खर्च की कोई निश्चित राशि बताना उचित नहीं होगा।

Aava अपने उत्पाद को प्राकृतिक मिनरल वाटर के रूप में पेश करती है और इसके पानी का स्रोत अरावली क्षेत्र बताती है। कंपनी की वेबसाइट के अनुसार 250 ML की ग्लास बोतल में कैल्शियम, मैग्नीशियम और बाइकार्बोनेट जैसे प्राकृतिक मिनरल मौजूद हैं।

एक तरफ देश में बड़ी आबादी अब भी सस्ता और सुरक्षित पेयजल पाने के लिए संघर्ष करती है, वहीं संवैधानिक संस्था की आधिकारिक बैठक की तस्वीर में दिखाई देने वाली महंगी बोतलबंद पानी की बोतलों ने सरकारी बैठकों में खर्च और सुविधाओं के स्तर को लेकर बहस जरूर छेड़ दी है।

अब सवाल यह है कि इन बोतलों की खरीद किस दर पर हुई, भुगतान किस मद से किया गया और क्या इनके लिए कोई विशेष खरीद प्रक्रिया अपनाई गई? इन सवालों का जवाब सामने आने पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि तस्वीर में दिखाई दे रही बोतलों पर वास्तविक सरकारी खर्च कितना हुआ । साभार : भड़ास4 मीडिया