पिथौरागढ़, 29 जुलाई। जनपद में गंगा की सहायक नदियों के संरक्षण, स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्यों की समीक्षा के लिए बुधवार को जिला गंगा सुरक्षा समिति की बैठक जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई की अध्यक्षता में जिला अधिकारी कैंप कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध, प्रभावी और जवाबदेह कार्यशैली अपनाने के निर्देश दिए।
बैठक में निर्माणाधीन, संचालित और प्रस्तावित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों और प्रस्तावित परियोजनाओं की सभी प्रक्रियाओं में तेजी लाने तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एक बैठक में दिए गए निर्देशों को अगली बैठक में दोहराने की नौबत नहीं आनी चाहिए और सभी अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने इसके लिए भूमि चयन की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर निकायों और स्थानीय प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ शीघ्र उपयुक्त स्थल का चयन करने को कहा। साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी को बायो-मेडिकल वेस्ट के सुरक्षित एवं वैज्ञानिक निस्तारण के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराने तथा आवश्यक विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए जल्द से जल्द कॉम्पेक्टर मशीन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
जिला परियोजना अधिकारी एवं गंगा सुरक्षा समिति की नोडल अधिकारी ज्योत्सना जोशी ने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन और विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति से जिलाधिकारी को अवगत कराया।
बैठक के समापन पर जिलाधिकारी ने जल निगम, जल संस्थान और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों से कहा कि गंगा की सहायक नदियों का संरक्षण और स्वच्छता जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी आशुतोष सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रशांत कौशिक सहित जल निगम, जल संस्थान एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


