गुंजी (पिथौरागढ़)। ऐतिहासिक वाइब्रेंट विलेज गुंजी में 07 जुलाई 2026 को सीमा सड़क संगठन (BRO) के प्रोजेक्ट हीरक के मुख्य अभियंता श्री आर. एस. राव, वीएसएम ने अन्य अधिकारियों के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रियों से मुलाकात की और उनसे संवाद स्थापित किया।

इस अवसर पर श्री राव ने यात्रियों का हार्दिक स्वागत करते हुए उनकी सुरक्षित, सफल एवं आध्यात्मिक रूप से मंगलमय यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने दुर्गम और चुनौतीपूर्ण हिमालयी क्षेत्र में सामरिक सड़क अवसंरचना के विकास व रखरखाव हेतु सीमा सड़क संगठन द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों पर प्रकाश डाला।

लिपुलेख मार्ग हुआ अधिक सुगम अधिकारियों के अनुसार, इन प्रयासों से क्षेत्र में संपर्क व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार आया है, जिससे लिपुलेख दर्रे के माध्यम से आयोजित होने वाली पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुगम और सुरक्षित बनी है।

श्री राव ने हर मौसम में सुरक्षित और निर्बाध सड़क संपर्क सुनिश्चित करने के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सामरिक अवसंरचना को और मजबूत करने तथा दूरस्थ इलाकों के निवासियों को बेहतर संपर्क सुविधाएं देने की दिशा में BRO निरंतर कार्यरत है। उन्होंने कठिन भौगोलिक और मौसमीय परिस्थितियों में हुए विकास कार्यों में स्थानीय समुदायों के सहयोग की भी विशेष सराहना की।

यात्रियों ने जताई संतुष्टि मौके पर मौजूद यात्रियों ने बेहतर सड़क संपर्क और BRO कर्मियों के समर्पित प्रयासों की प्रशंसा की। उनका कहना था कि इन प्रयासों से यात्रा अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और सुगम हुई है, जिससे उनकी तीर्थयात्रा का अनुभव और सुखद बन गया है।

प्रोजेक्ट हीरक राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने, सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देने तथा पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा के निर्बाध व सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।