पिथौरागढ़। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर पतंजलि योग समिति, पिथौरागढ़ द्वारा नगर निगम हॉल, पिथौरागढ़ में प्रातः 6 बजे वैदिक विधि-विधान के साथ यज्ञ एवं हवन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्व शांति, पर्यावरण संरक्षण तथा समस्त प्राणी जगत के कल्याण की कामना करते हुए आहुतियां अर्पित की गईं।
योग प्रशिक्षक विपिन चन्द्र जोशी ने कहा कि यज्ञ भारतीय संस्कृति की एक पूर्ण वैज्ञानिक प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि यज्ञ से वातावरण की शुद्धि होती है, सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है तथा पर्यावरण और मानव जीवन दोनों को लाभ मिलता है।
हवन का संचालन करते हुए पंडित तारा सिंह ने कहा कि यज्ञ से आत्मिक शक्ति में वृद्धि होती है, मानसिक शांति प्राप्त होती है तथा व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक सोच का विकास होता है। उन्होंने गुरु पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए गुरु के प्रति श्रद्धा एवं भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया।
इस अवसर पर डा. एस.पी. सौन, सुशीला खर्कवाल, शोभा गुप्ता, हेम जोशी, चन्द्रशेखर पाण्डेय, भीम सिंह धामी, मानसिंह सामंत, जानकी कोटिया, ममता, उषा धामी, घनश्याम जोशी, जानकी सहित अनेक योग साधक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।


