डीडीहाट। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर डीडीहाट स्थित बैकुंठ धाम गीता योग सेंटर में आध्यात्मिक वातावरण के बीच भगवान नारायण पुरुषोत्तम राम तथा परमेश्वर श्रीकृष्ण की नव मूर्तियों की स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम परम प्रातः नारायण स्वामी एवं योगी भास्कर स्वामी के पावन आशीर्वाद और सान्निध्य में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म लाभ प्राप्त किया।

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने बैकुंठ धाम को आत्मिक शांति, योग और अध्यात्म का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए इसके निरंतर विकास की सराहना की। इस अवसर पर डाइट के पूर्व प्राचार्य डी. एस. पांगती एवं समस्त पांगती परिवार के योगदान की विशेष प्रशंसा की गई। वक्ताओं ने कहा कि उनके अथक प्रयासों से बैकुंठ धाम आज एक प्रमुख आध्यात्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो रहा है।

इस दौरान गिरीश चुफाल अध्यक्ष नगर पालिका परिषद डीडीहाट के की ओर से भी क्षेत्र के धार्मिक एवं पर्यटन विकास को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई गई। बताया गया कि भविष्य में स्वामी मलयनाथ, सिराकोट तथा बैकुंठ धाम को समग्र रूप से विकसित कर प्रमुख पर्यटन स्थलों के रूप में स्थापित करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्य किए जाएंगे। इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी सृजित होंगे।

गुरु पूर्णिमा के इस विशेष अवसर पर आयोजित धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और प्राण प्रतिष्ठा समारोह ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया। श्रद्धालुओं ने इसे आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ करने वाला ऐतिहासिक आयोजन बताया।