पिथौरागढ़। ग्रीन वैली पब्लिक स्कूल के लिए मंगलवार का दिन बेहद गौरवपूर्ण और भावनात्मक रहा। विद्यालय की पूर्व छात्रा दीपिका शर्मा, जिनका हाल ही में उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग (UKPSC) की पीसीएस परीक्षा के माध्यम से उद्यान अधिकारी (Horticulture Officer) पद पर चयन हुआ है, पहली बार विद्यालय में आयोजित साइंस कार्निवल के उद्घाटन के लिए मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं।
ग्राम नेड़ा निवासी दीपिका शर्मा, श्री भुवन शर्मा एवं श्रीमती बीना शर्मा की सुपुत्री हैं। विद्यालय पहुंचते ही उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। अपने बीच पूर्व छात्रा को एक सफल अधिकारी के रूप में देखकर विद्यार्थियों में विशेष उत्साह और गर्व का माहौल दिखाई दिया। कई ऐसे छात्र भी मौजूद थे, जिन्होंने उसी समय विद्यालय में प्रवेश लिया था, जब दीपिका स्वयं इसी विद्यालय की छात्रा थीं।
अपने प्रेरणादायक संबोधन में दीपिका शर्मा ने कहा कि ग्रीन वैली पब्लिक स्कूल ने उन्हें केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और मंच पर प्रभावी ढंग से अपनी बात रखने का साहस भी दिया। उन्होंने विद्यालय में नियमित रूप से आयोजित होने वाली गतिविधियों और मंचीय कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि इन्हीं अनुभवों ने उनके व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर दीपिका शर्मा ने साइंस कार्निवल में विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए लगभग 50 विज्ञान मॉडलों का अवलोकन किया। विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने समूहवार तीन से चार मॉडल प्रस्तुत किए थे। उन्होंने प्रत्येक मॉडल को ध्यानपूर्वक देखा, विद्यार्थियों से चर्चा की और उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं नवाचार की सराहना की।
दीपिका शर्मा ने अपने छात्र जीवन की यादें साझा करते हुए बताया कि उन्होंने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में राष्ट्रीय स्तर तक विद्यालय का प्रतिनिधित्व किया था। इसी दौरान उन्हें भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम से मिलने का अवसर मिला था। उन्होंने कहा कि वह प्रेरणादायक मुलाकात उनके जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई और बड़े लक्ष्य निर्धारित करने का आत्मविश्वास प्रदान किया।
विद्यालय परिवार ने दीपिका शर्मा की इस उपलब्धि पर उन्हें शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनकी सफलता वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का सशक्त स्रोत बनेगी। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की वास्तविक पहचान उसकी इमारतों से नहीं, बल्कि उन विद्यार्थियों से होती है जो अपने ज्ञान, संस्कार, परिश्रम और उपलब्धियों से समाज में नई पहचान स्थापित करते हैं और अपने विद्यालय का नाम रोशन करते हैं।


