पिथौरागढ़। एयरपोर्ट रोड स्थित चटकेश्वर महादेव मंदिर में चटकेश्वर मंदिर समिति द्वारा नव निर्मित यज्ञशाला एवं प्रवेश द्वार की प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में धार्मिक आयोजन किया जा रहा है। आयोजन के तहत विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं हवन का आयोजन किया गया ।
अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का पूजन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। हवन पूर्ण होने के बाद मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में नगर और आसपास के क्षेत्रों से लोग पहुंचे। श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और भगवान चटकेश्वर महादेव के दर्शन किए।
आस्था से जुड़ा है चटकेश्वर मंदिर का इतिहास चटकेश्वर महादेव मंदिर पिथौरागढ़ के प्रमुख शिव मंदिरों में गिना जाता है। पिथौरागढ़ जिला प्रशासन की वेबसाइट भी नगर के आसपास के प्रमुख धार्मिक स्थलों में चटकेश्वर मंदिर का उल्लेख करती है।
स्थानीय मान्यता के अनुसार मंदिर का पुराना नाम चंडकेश्वर महादेव था। एक प्रचलित कथा के अनुसार मंदिर का शिवलिंग पहले नदी के दूसरी ओर स्थित था। ग्रामीणों के लिए वहां पहुंचकर नियमित पूजा करना कठिन था। मान्यता है कि ग्रामीणों की प्रार्थना के बाद शिवलिंग स्वयं नदी के इस पार प्रकट हुआ और इसी स्थान पर पूजा-अर्चना शुरू हुई।
एक अन्य स्थानीय कथा में भक्त्यान नाम की शिवभक्त महिला का उल्लेख मिलता है। कहा जाता है कि लगातार बारिश और नदियों में तेज पानी के कारण जब वह पुराने स्थान पर शिवलिंग की पूजा के लिए नहीं पहुंच सकीं, तो उन्होंने वर्तमान मंदिर के समीप पूजा की। मान्यता है कि भगवान शिव ने स्वप्न में उन्हें दर्शन देकर इसी स्थान पर शिवलिंग की मौजूदगी का संकेत दिया। अगले दिन नाग से लिपटा शिवलिंग मिलने की कथा भी स्थानीय परंपरा में प्रचलित है।
समय के साथ यह स्थान श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बनता गया। आज चटकेश्वर महादेव मंदिर पिथौरागढ़ की धार्मिक पहचान से जुड़े महत्वपूर्ण मंदिरों में शामिल है। मंदिर की वर्तमान गतिविधियों और धार्मिक आयोजनों में स्थानीय लोगों की सहभागिता भी लगातार बनी हुई है।
नवनिर्मित यज्ञशाला और प्रवेश द्वार की प्रतिष्ठा के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम इसी धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाने की कड़ी के रूप में देखा गया। आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में दिनभर भक्तिमय वातावरण बना रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया । _ वाणी न्यूज के लिए गिरीश पुजारा की रिपोर्ट


