पिथौरागढ़। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में सोमवार को पिथौरागढ़ के गांधी चौक पर व्यापार संघ, उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी), आम आदमी पार्टी तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों ने संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने छात्रों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए सरकार से आंदोलनकारियों के साथ संवाद स्थापित करने और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि युवाओं और छात्रों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि सभी लोग दलगत राजनीति से ऊपर उठकर छात्रों के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट हुए हैं।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था और सरकारी नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में "मन की बात" कार्यक्रम सुनाने के निर्देश तो जारी कर दिए जाते हैं, लेकिन यह नहीं देखा जाता कि विद्यालयों में टेलीविजन, आवश्यक संसाधन या पर्याप्त भवन की व्यवस्था है या नहीं। इसके बावजूद अधिकारियों के दबाव में बच्चों को कार्यक्रम सुनाकर उसका वीडियो बनाकर भेजना पड़ता है।
वक्ताओं ने दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस की कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। उन्होंने कहा कि यदि छात्र अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाते हैं तो उन पर लाठीचार्ज करना अत्यंत निंदनीय है। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री को आंदोलनरत छात्रों के प्रतिनिधियों से वार्ता कर उनकी समस्याओं का शांतिपूर्ण समाधान निकालना चाहिए।
उत्तराखंड क्रांति दल के वरिष्ठ नेता एवं संस्थापक सदस्य काशी सिंह ऐरी ने भी प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने छात्रों के साथ अन्याय किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार समस्याओं का समाधान करने के बजाय जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों का जवाब लाठी से नहीं, बल्कि संवाद से दिया जाना चाहिए। छात्रों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है और युवा वर्ग इस अहंकार तथा तानाशाही का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगा।
प्रदर्शन में चंद्रशेखर पुनेड़ा, तपन रावत, हेमराज बिष्ट, चंद्र प्रकाश पुनेड़ा, राम सिंह अधिकारी सहित व्यापार संघ, यूकेडी, आम आदमी पार्टी एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
स्रोत: प्रदर्शन स्थल पर आयोजकों एवं वक्ताओं द्वारा दी गई जानकारी।


