बाजपुर। कला क्षेत्र में अग्रणी संस्था अमन कला केंद्र, बाजपुर की ओर से महान ग़ज़ल गायक स्वर्गीय जगजीत सिंह की स्मृति में भव्य संगीत कॉन्सर्ट का आयोजन किया गया। मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में ग़ज़ल, शास्त्रीय वाद्य संगीत और युवा प्रतिभाओं की प्रस्तुतियों ने करीब चार घंटे तक दर्शकों को बांधे रखा।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए मनीष पंत ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। इसके बाद किरण चोपड़ा और पंकज पांडे ने युगल गायकी से कार्यक्रम का आगाज किया। पहली ही ग़ज़ल पर दर्शकों ने तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। अंशिका कौटिल्य की जोड़ी ने “आए हैं समझाने लोग”, शगुन ने “याद नहीं क्या-क्या देखा था”, ध्रुव वर्मा ने “मेरे जैसे बन जाओगे”, रोशनी चंदोला ने “मेरे दिल में तू ही तू है” और ऋषभ पाल ने “कोई फरियाद तेरे दिल में” जैसी लोकप्रिय ग़ज़लों की प्रस्तुति देकर समां बांध दिया।
नन्हे कलाकारों ने जीता दर्शकों का दिल कार्यक्रम का खास आकर्षण नन्हे कलाकार रहे। पंछी कोरंगा और ताश्वी ने “प्यार का पहला ख़त लिखने में”, ध्रुव वैष्णव और सई जोशी ने “उस मोड़ से शुरू करें”, मौलिक मदान ने “तेरे आने की जब खबर महके” तथा आयुष्मान चौबे ने “कल चौदहवीं की रात थी” प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी।
दिग्गज संगीतकारों की प्रस्तुतियों ने बढ़ाई शोभा ‘भाव म्यूजिकल बैंड’ की प्रस्तुति में जी टीवी सारेगामापा के माध्यम से उत्तराखंडी संस्कृति को देशभर में पहचान दिलाने वाले बांसुरी वादक मोहन जोशी भी शामिल हुए। उनकी बांसुरी की मधुर तान सुनकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए और कई लोगों ने मोबाइल में इस प्रस्तुति को रिकॉर्ड किया।
मुंबई में लंबे समय तक कार्य कर चुके वरिष्ठ संगीतकार मनोज पांडे ने विभिन्न ताल वाद्य यंत्रों का अलग-अलग गीतों में प्रयोग समझाते हुए विशेष प्रस्तुति दी। वहीं सितार वादक शुभेंदु सरकार, वायलिन वादक कौशल बिष्ट, ढोलक वादक दीपक त्रिपाठी, तबला वादक हर्षित जोशी, सिंथेसाइजर वादक सुहैब इदरीसी और गिटार वादक कौटिल्य तिवारी ने अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। संस्था के संस्थापक संगीतकार अमन सब्बरवाल ने पियानो और एकॉर्डियन पर संगत की।
विशेष बात यह रही कि रुद्रपुर के ‘राग रंग’ संगीत विद्यालय और बाजपुर के ‘हरितोष’ संगीत विद्यालय के नन्हे विद्यार्थियों को भी इन अनुभवी संगीतकारों के साथ मंच साझा करने का अवसर मिला। आज के दौर में जब युवा पीढ़ी तेज और शोरप्रधान संगीत की ओर आकर्षित हो रही है, वहीं नन्हे कलाकारों द्वारा ग़ज़लों की प्रस्तुति ने दर्शकों को विशेष रूप से प्रभावित किया।
कार्यक्रम के अंत में संगीत शिक्षक मनीष पंत और आकाश शर्मा ने “होंठों से छू लो तुम…” ग़ज़ल प्रस्तुत कर महफिल को यादगार बना दिया। कार्यक्रम की सधी हुई प्रस्तुतियों का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दर्शक चार घंटे तक अपनी जगह से नहीं उठे।
2015 से जारी है संगीत आयोजन की परंपरा अमन कला केंद्र की ओर से इस आयोजन की शुरुआत वर्ष 2015 में की गई थी। संस्था का उद्देश्य नई प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के साथ कला और संस्कृति को संरक्षित एवं आगे बढ़ाना है।
तकनीकी टीम में सिंटू धवन, अर्चित ग्रोवर, दुष्यंत कुमार, आदित्य शर्मा, माणिक बजाज, पंकज, मोनू और जसवंत सहित अन्य लोग शामिल रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी कलाकारों और तकनीकी टीम के सदस्यों को अतिथियों द्वारा स्मृति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जगतार बाजवा, कुलदीप चौधरी, पवन गोयल, अनिल परमार, अमल किशोर, देवी पंत, सचिन बजाज, अचल कोरंगा, अमित कुमार, दीपिका यादव, आरती बजाज, सतनाम सिंह, किरण सिंघल, शिवानी, हेमलता, अभिषेक गुप्ता, मनोज राजहंस, मीनाली कोरंगा, सीता सब्बरवाल, श्वेता मिश्रा, जया सरकार, हरीश भट्ट, फातिमा, जावेरिया समेत विभिन्न शहरों से पहुंचे संगीतप्रेमी मौजूद रहे।
अमन सब्बरवाल ने सभी सह-प्रायोजकों का आभार जताते हुए कहा कि संस्था भविष्य में भी कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ऐसे आयोजन करती रहेगी। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को संगीत और साहित्य से जोड़ने का आह्वान किया, ताकि आने वाली पीढ़ी को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ा जा सके।


