देहरादून। देहरादून को स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन का सघन प्रवर्तन अभियान लगातार जारी है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर नगर निगम क्षेत्र के सभी 100 वार्डों में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की जा रही है।
अभियान के तहत अब तक 1,776 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान 762 प्रतिष्ठानों में प्रतिबंधित प्लास्टिक पाए जाने पर कार्रवाई की गई। इनमें से 550 प्रतिष्ठानों के चालान किए गए और ₹1.96 लाख का जुर्माना वसूला गया।
प्रवर्तन टीमों ने कार्रवाई के दौरान 532 किलोग्राम प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त कर नष्ट किया। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन की ओर से 50 सेक्टर अधिकारियों की तैनाती की गई है, जो विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण और कार्रवाई की निगरानी कर रहे हैं।
प्रशासन की कार्रवाई का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि दुकानदारों और आम लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना भी है। प्रशासन ने व्यापारियों से प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग, भंडारण और बिक्री नहीं करने की अपील की है। इसके स्थान पर कपड़े, जूट और कागज से बने थैलों जैसे पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को अपनाने पर जोर दिया जा रहा है।
प्लास्टिक मुक्त शहर बनाने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई के साथ आम जनता की भागीदारी भी जरूरी है। इसके लिए — बाजारों में नियमित और औचक निरीक्षण जारी रखा जाए।
प्रतिबंधित प्लास्टिक के उत्पादन और थोक बिक्री पर कड़ी कार्रवाई हो।
दुकानदारों को कपड़े और जूट के थैले अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
ग्राहकों को अपना कपड़े का थैला लेकर बाजार जाने की आदत डालनी होगी।
स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर प्लास्टिक विरोधी जागरूकता अभियान चलाए जाएं।
प्लास्टिक कचरे के अलग संग्रह और रीसाइक्लिंग की व्यवस्था मजबूत की जाए।
मेलों, आयोजनों और बाजारों में प्लास्टिक डिस्पोजेबल की जगह पुन: उपयोग होने वाले विकल्प अपनाए जाएं।
प्रशासन की सख्ती और जनता की जिम्मेदारी—दोनों मिलकर ही देहरादून को वास्तविक रूप से प्लास्टिक मुक्त बना सकते हैं। _ कपिल भट्ट वाणी न्यूज


