पिथौरागढ़, 11 अगस्त 2026।

जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ में कार्यरत 130 इन्फैंट्री बटालियन (टीए) इको कुमाऊं को पर्यावरण संरक्षण एवं वनीकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित उत्तराखंड मुख्यमंत्री प्रशंसा पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया गया। देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूनिट के पर्यावरण संरक्षण संबंधी कार्यों की सराहना की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि केवल पौधारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों के संरक्षण और संवर्धन के लिए जनसमुदाय की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि कुमाऊं क्षेत्र में इको टास्क फोर्स द्वारा लगातार चलाए जा रहे वनीकरण एवं पर्यावरण संरक्षण अभियानों ने हरित आवरण बढ़ाने के साथ-साथ पारिस्थितिक संतुलन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि इको टास्क फोर्स के समर्पित प्रयासों और स्थानीय समुदायों की सहभागिता ने पर्यावरण संरक्षण को जमीनी स्तर पर प्रभावी जन-अभियान का रूप दिया है।

हर साल आठ लाख से अधिक पौधों का रोपण उल्लेखनीय है कि कुमाऊं मंडल में इको टास्क फोर्स की दो यूनिट—देहरादून और पिथौरागढ़—कार्यरत हैं। ये यूनिट प्रतिवर्ष विभिन्न प्रजातियों के आठ लाख से अधिक पौधों का रोपण करती हैं। खास बात यह है कि पौधारोपण के बाद लगभग पांच वर्षों तक पौधों की देखरेख और संरक्षण भी किया जाता है।

कर्नल गौरव नेगी ने ग्रहण किया प्रशंसा पत्र मुख्यमंत्री प्रशंसा पुरस्कार-2026 के तहत प्रशंसा पत्र 130 इको टास्क फोर्स, पिथौरागढ़ के कमांडेंट कर्नल गौरव नेगी और आनरेरी लेफ्टिनेंट कुलदीप सिंह ने प्राप्त किया।

यह सम्मान यूनिट की पर्यावरण संरक्षण के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता, अथक प्रयासों और हरित मिशन के प्रति समर्पण का गौरवपूर्ण प्रमाण माना जा रहा है।

विभिन्न संगठनों ने जताई खुशी इको टास्क फोर्स को मुख्यमंत्री प्रशंसा पुरस्कार मिलने पर किसान भूषण पुरस्कार से सम्मानित पूर्व सूबेदार केशवदत्त मखौलिया, मुस्कान सामाजिक उत्थान समिति, इंट्रिसिक क्लाइंबर्स एंड एक्सप्लोरर्स सहित विभिन्न संगठनों और पर्यावरण प्रेमियों ने खुशी व्यक्त की है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिथौरागढ़ में इको टास्क फोर्स द्वारा किए जा रहे पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण के कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत प्राकृतिक विरासत तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

— जगदीश चंद्र कलौनी, पिथौरागढ़