पिथौरागढ़। जनपद में न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं उत्तरदायी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई की अध्यक्षता में जनपदीय अभियोजन निदेशालय की अर्धवार्षिक समीक्षा एवं वार्षिक कार्ययोजना 2026-27 की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, सहायक निदेशक अभियोजन राकेश चंद्र, जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) प्रमोद पंत सहित सभी लोक अभियोजक उपस्थित रहे।
बैठक में जनवरी से जून 2026 तक के अभियोजन कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान जनपद में कुल 683 मामलों का निस्तारण किया गया तथा 91.45 प्रतिशत की उल्लेखनीय दोषसिद्धि दर दर्ज की गई, जिसे न्यायिक प्रक्रिया की प्रभावशीलता और अभियोजन-पुलिस के बेहतर समन्वय का परिणाम माना गया।
समीक्षा के दौरान ई-प्रॉसिक्यूशन, ई-फाइलिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के अधिकतम उपयोग पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, गवाहों के प्रभावी प्रबंधन पर ध्यान दिया जाए तथा अभियोजन और पुलिस के बीच समन्वय को और मजबूत बनाया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता बढ़ाने के लिए तकनीकी संसाधनों का बेहतर उपयोग आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को अभियोजन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा प्रत्येक मामले में गुणवत्तापूर्ण पैरवी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में आगामी वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई और न्यायिक प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर रणनीति तैयार की गई।


