पिथौरागढ़। जनपद के बालाकोट की निवासी कलावती देवी आज ग्रामीण महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल बन चुकी हैं। आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने परिस्थितियों के आगे हार न मानते हुए न केवल अपने लिए आजीविका का मजबूत आधार तैयार किया, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया।
आईफेड (इंटरनेशनल फंड फॉर एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट) और राज्य सरकार के सहयोग से संचालित ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत महादेव स्वायत्त संघ, बालाकोट को CBO लेबल एंटरप्राइज के तहत डेयरी गतिविधि के लिए आर्थिक सहयोग मिला। उद्यम के लिए परियोजना से ₹6 लाख की सहायता, ₹3 लाख का बैंक ऋण और ₹1 लाख की सहभागिता महादेव स्वायत्त संघ की ओर से की गई।
इसी सहयोग से कलावती देवी की अध्यक्षता में महादेव स्वायत्त संघ ने सामूहिक डेयरी उद्यम शुरू किया। वर्तमान में यह उद्यम गांव से प्रतिदिन करीब 200 लीटर दूध एकत्र कर बाजार तक पहुंचा रहा है। इससे स्थानीय दुग्ध उत्पादकों को बाजार उपलब्ध होने के साथ ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में भी मदद मिल रही है।
डेयरी उद्यम से दो अन्य महिलाओं को भी रोजगार मिला है। महिलाएं अब आर्थिक रूप से सशक्त होकर अपने परिवार की आय बढ़ाने में योगदान दे रही हैं। श्रीमती कलावती देवी को महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए राज्य स्तरीय तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। पिछले 23 वर्षों से उन्होंने 14 गांवों के 95 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी करीब 700 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया है।
कलावती देवी की यह पहल महिला नेतृत्व, सामूहिक प्रयास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक उदाहरण पेश करती है। उनका सफर बताता है कि उचित अवसर, मार्गदर्शन और सहयोग मिलने पर ग्रामीण महिलाएं अपने परिवार के साथ-साथ पूरे समुदाय की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। _ कपिल भट्ट वाणी न्यूज


