धारचूला (पिथौरागढ़)।

सीमांत जनपद पिथौरागढ़ की तहसील धारचूला के कालिका गोठीधूरा गांव में आज भी ग्रामीण बुनियादी सड़क सुविधा के अभाव में गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। गांव में कोई मोटर मार्ग नहीं होने के कारण बीमार लोगों और प्रसव पीड़ित महिलाओं को आज भी डोली (स्ट्रेचर) के सहारे कई किलोमीटर तक पैदल ले जाना पड़ता है।

ग्रामीणों के अनुसार गांव में लगभग 35 से 40 परिवार निवास करते हैं तथा यहां एक प्राथमिक विद्यालय भी संचालित है। बताया गया कि गांव तक 8 किलोमीटर सड़क स्वीकृत हो चुकी है और इस मार्ग का तीन से चार बार सर्वे भी किया जा चुका है। इतना ही नहीं, ग्रामीणों का दावा है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा भी सड़क निर्माण की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क न होने से किसी भी आपातकालीन स्थिति में मरीजों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को डोली में उठाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे समय पर उपचार मिलना कठिन हो जाता है।

स्थानीय लोगों ने सरकार और प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण शुरू कराने की मांग करते हुए कहा कि सीमांत क्षेत्रों के विकास के दावे तब तक अधूरे हैं, जब तक गांवों को मूलभूत सड़क सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाती।

जब सड़क स्वीकृत हो चुकी, कई बार सर्वे भी हो चुका और मुख्यमंत्री की घोषणा भी हो चुकी, तो फिर कालिका गोठीधूरा के ग्रामीण आज भी डोली के सहारे मरीजों और प्रसूताओं को ले जाने के लिए आखिर क्यों मजबूर हैं?