पिथौरागढ़। शहर के रई क्षेत्र में इन दिनों बंदरों का आतंक लोगों के लिए बड़ी चिंता का कारण बनता जा रहा है। पहले बंदरों द्वारा घरों में घुसकर अनाज, फल और अन्य सामान उठा ले जाना आम बात थी, लेकिन अब इनके आक्रामक व्यवहार ने क्षेत्रवासियों की परेशानी और डर दोनों बढ़ा दिए हैं।

पिछले दो-तीन दिनों में रई ** वार्ड में ही 3 से 4 लोगों को बंदरों द्वारा काटे जाने** की बात सामने आई है। वहीं शनिवार सुबह हुई एक घटना ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी।

बताया जा रहा है कि राय स्थित ओपन जिम में एक व्यक्ति, जिसे मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया जा रहा है, बंदरों के झुंड के बीच घिर गया। बंदरों से घिरे व्यक्ति ने काफी देर तक मदद के लिए आवाज लगाई। इसी दौरान वहां से गुजर रही एक गाड़ी रुकी तो अन्य राहगीर भी मौके पर पहुंचे और किसी तरह बंदरों को वहां से भगाया गया।

घटना के बाद क्षेत्र में बंदरों के बढ़ते आक्रामक रवैये को लेकर लोगों में भय का माहौल है।

रई वार्ड के पार्षद मोनू चसाली ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। उनके अनुसार, दो-तीन दिन पहले वार्ड की दो महिलाओं को भी बंदरों ने काट लिया था। इससे पहले शिव विहार वार्ड में एक बुजुर्ग पर बंदरों के हमले की घटना भी सामने आ चुकी है।

अब सवाल यह है कि आखिर कब जागेगा प्रशासन?

क्षेत्रवासियों का कहना है कि बंदरों की संख्या और उनके आक्रामक व्यवहार को देखते हुए अब केवल उन्हें भगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। प्रशासन को वन विभाग के साथ समन्वय कर बंदरों के आतंक से निजात दिलाने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

खासकर बच्चों, बुजुर्गों और अकेले आने-जाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों की मांग है कि ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित कर प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि शहरवासियों को बंदरों के डर के बीच जीवन न बिताना पड़े।

अब सवाल प्रशासन से है—क्या किसी बड़ी घटना का इंतजार किया जा रहा है? या फिर समय रहते बंदरों के बढ़ते आतंक पर रोक लगाने के लिए कोई ठोस कार्रवाई होगी?

_kapil bhatt vaninews