नई दिल्ली। डिजिटल भारत निधि (DBN), दूरसंचार विभाग (DoT), गुजरात सरकार, गुजरात फाइबर ग्रिड नेटवर्क लिमिटेड (GFGNL) और भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के बीच हस्ताक्षरित समझौते में एक महत्वपूर्ण परिशिष्ट (Addendum) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसका उद्देश्य गुजरात में ब्रॉडबैंड और दूरसंचार अवसंरचना को और अधिक मजबूत बनाना है।
संशोधित भारतनेट (Amended BharatNet) कार्यक्रम के तहत गुजरात में परियोजना के क्रियान्वयन के लिए ₹5,629 करोड़ की वित्तीय सहायता को मंजूरी दी गई है। इस योजना के माध्यम से राज्य की 14,287 ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जबकि 3,895 गांवों को मांग के आधार (On-Demand) पर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाएगी।
इस साझेदारी का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक दूरसंचार अवसंरचना का विस्तार और उन्नयन करना है, ताकि ग्रामीण नागरिकों को तेज़ और विश्वसनीय इंटरनेट सेवाएं मिल सकें।
योजना के अंतर्गत भारत सरकार के वित्तीय सहयोग से पांच लाख से अधिक ग्रामीण घरों में फाइबर ब्रॉडबैंड कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इससे डिजिटल सेवाओं, ऑनलाइन शिक्षा, ई-गवर्नेंस, टेलीमेडिसिन और ग्रामीण उद्यमिता को नई गति मिलने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि संशोधित भारतनेट कार्यक्रम डिजिटल समावेशन (Digital Inclusion) को बढ़ावा देगा और ग्रामीण गुजरात को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्य बिंदु ₹5,629 करोड़ की वित्तीय सहायता से गुजरात में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम लागू।
14,287 ग्राम पंचायतें हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जुड़ेंगी।
3,895 गांवों को आवश्यकता के अनुसार इंटरनेट कनेक्टिविटी मिलेगी।
ग्रामीण दूरसंचार अवसंरचना का व्यापक विस्तार और आधुनिकीकरण।
पांच लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को फाइबर ब्रॉडबैंड कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य।
डिजिटल शिक्षा, स्वास्थ्य, ई-गवर्नेंस और ग्रामीण विकास को मिलेगा बड़ा ब


