पिथौरागढ़। तकलाकोट में भारी बर्फबारी की चेतावनी के चलते भारत-चीन पारंपरिक सीमा व्यापार सत्र इस वर्ष निर्धारित समय से पहले ही समाप्त हो गया। 27 से 29 अक्टूबर तक अत्यधिक बर्फबारी की आशंका को देखते हुए तकलाकोट प्रशासन ने सभी भारतीय व्यापारियों को 26 अक्टूबर से पहले स्वदेश लौटने के निर्देश जारी किए थे। प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए सभी भारतीय व्यापारी 26 अक्टूबर तक सुरक्षित भारत लौट आए। इसके साथ ही इस वर्ष की व्यापारिक गतिविधियों का समापन हो गया।

उपजिलाधिकारी धारचूला के अनुसार, इस वर्ष भारत-चीन पारंपरिक व्यापार के तहत भारतीय व्यापारियों ने कुल 74,95,325 रुपये का कारोबार किया। वहीं, चीन से 74,51,402 रुपये मूल्य के सामान का आयात किया गया। इस प्रकार प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण व्यापार सत्र को समय से पहले समाप्त करना पड़ा।

सीमांत क्षेत्र में मौसम लगातार बिगड़ने और भारी बर्फबारी की आशंका के चलते व्यापारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उनकी समयबद्ध वापसी सुनिश्चित की गई। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण आवागमन प्रभावित होने और रास्तों में जोखिम बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही आवश्यक निर्देश जारी कर दिए थे।

भारत-चीन पारंपरिक सीमा व्यापार सीमांत क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों और दोनों ओर के व्यापारिक संपर्कों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस व्यापार से भारतीय व्यापारियों को कारोबार के अवसर मिलते हैं और सीमावर्ती क्षेत्रों की पारंपरिक व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है।

हालांकि, इस वर्ष मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों और भारी बर्फबारी के अलर्ट के कारण व्यापार सत्र को आगे जारी रखने की संभावनाएं समाप्त हो गईं। सभी भारतीय व्यापारियों की सुरक्षित वापसी के साथ ही इस वर्ष का भारत-चीन पारंपरिक सीमा व्यापार सत्र संपन्न हो गया।