पिथौरागढ़। कंज्योंति-नारायण आश्रम सड़क पर बोल्डर तोड़ने के दौरान ठेकेदार के घायल होने के मामले में सामने आई खबर के बाद ठेकेदार संदीप वर्मा ने घटना को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट किया है। ठेकेदार ने डायनामाइट ब्लास्टिंग किए जाने के दावे को साफ तौर पर खारिज करते हुए कहा है कि मौके पर डायनामाइट से कोई ब्लास्टिंग नहीं की गई थी और वहां केवल मशीनों के माध्यम से काम किया जा रहा था।

ठेकेदार संदीप वर्मा के अनुसार, दिनांक 15 सितंबर को घटना के समय सड़क पर बोल्डर हटाने और तोड़ने का काम मशीन से किया जा रहा था। मौके पर करीब छह लोग मौजूद थे। काम के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि जिस स्थान पर मजदूर काम कर रहे हैं, वहां की चट्टान और मलबा भरभराने की स्थिति में है तथा ऊपर से पत्थर गिरने का खतरा पैदा हो गया है।

संदीप वर्मा ने बताया कि उन्होंने नीचे से मजदूरों को कई बार आवाज लगाकर काम रोकने और वहां से हटने के लिए कहा, लेकिन मशीनों के शोर के कारण मजदूर उनकी आवाज नहीं सुन पा रहे थे।

स्थिति को देखते हुए वह स्वयं ऊपर की ओर गए और मजदूरों को वहां से सुरक्षित हटाने का प्रयास किया। इसी दौरान अचानक ऊपर से पत्थर गिर गया। संदीप वर्मा के मुताबिक, वह पत्थर की चपेट में आ गए, जिससे उनके सिर और चेहरे पर चोट आई और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा।

संदीप वर्मा ने स्पष्ट किया कि हादसे को डायनामाइट ब्लास्टिंग से जोड़ना सही नहीं है। उनका कहना है कि मौके पर किसी भी प्रकार की डायनामाइट ब्लास्टिंग नहीं की गई थी। उनके अनुसार, सड़क पर बोल्डर तोड़ने का काम मशीनों के जरिए ही किया जा रहा था।

उन्होंने कहा कि हादसा उस समय हुआ, जब वह मजदूरों को संभावित खतरे वाली जगह से हटाने के लिए ऊपर गए थे और इसी दौरान ऊपर से पत्थर गिरने से वह उसकी चपेट में आ गए।

वहीं, प्रकाशित खबर में कंज्योंति-नारायण आश्रम सड़क पर बिना अनुमति डायनामाइट ब्लास्टिंग किए जाने और उसके दौरान ठेकेदार के घायल होने की बात सामने आई थी। खबर में यह भी सवाल उठाया गया था कि यदि ब्लास्टिंग की अनुमति नहीं थी तो मौके पर डायनामाइट कहां से आया और इसका इस्तेमाल किसके द्वारा किया गया।

अब ठेकेदार संदीप वर्मा के बयान के बाद घटना के वास्तविक कारण और मौके पर किए जा रहे कार्य की प्रकृति को लेकर स्थिति अलग रूप में सामने आई है। ठेकेदार का कहना है कि वहां डायनामाइट का इस्तेमाल हुआ ही नहीं था।

मामले में अब यह महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग और प्रशासन की जांच में मौके पर किस प्रकार का काम किया जा रहा था, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और क्या वास्तव में किसी प्रकार की ब्लास्टिंग की गई थी या नहीं। ठेकेदार संदीप वर्मा के बयान और मौके के अन्य तथ्यों को जांच में शामिल किए जाने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

ठेकेदार संदीप वर्मा का कहना है: “डायनामाइट ब्लास्टिंग की गई ही नहीं थी। वहां केवल मशीनों से काम चल रहा था। जहां छह लोग काम कर रहे थे, वह जगह भरभराने लगी थी। मैंने नीचे से बहुत आवाज लगाई कि काम रोक दो, गिरने वाला है, लेकिन वे सुन नहीं पा रहे थे। इसलिए मैं ऊपर गया और उन्हें वहां से हटाया। इसी बीच ऊपर से पत्थर गिरा और उसकी चपेट में आने से मुझे चोट लग गई।” _ कपिल भट्ट वाणी न्यूज