पिथौरागढ़। बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें लैंगिक अपराधों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पिथौरागढ़ पुलिस एवं न्यायिक विभाग की संयुक्त पहल पर ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ का शुभारम्भ किया गया है। अभियान के तहत जनपद के स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता शिविर आयोजित कर बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा और लैंगिक अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है।

इसी क्रम में न्यायिक मजिस्ट्रेट पिथौरागढ़ श्रीमती कम्पना तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री शिव सिंह की अध्यक्षता में राजकीय अनुसूचित जाति बालिका छात्रावास, पिथौरागढ़ और हिमालया पब्लिक स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का आयोजन पिथौरागढ़ पुलिस की एएचटीयू टीम तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/पीएलए के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

कार्यक्रम में नशामुक्ति अभियान संचालित करने वाले डॉ. पीताम्बर अवस्थी भी मौजूद रहे। उन्होंने बच्चों को जागरूकता और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करने के उद्देश्य से अपनी पुस्तक ‘नशे पर प्रहार’ भेंट की। इस पहल के माध्यम से बच्चों में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान एएचटीयू टीम के अपर उपनिरीक्षक प्रेम बल्लभ छिम्वाल, हेड कांस्टेबल सुनील कुमार और कांस्टेबल रणवीर कम्बोज सहित संबंधित अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने छात्र-छात्राओं को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act), 2012 के प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही बाल अधिकारों और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों के विभिन्न पहलुओं पर भी जागरूक किया गया।

अधिकारियों ने बच्चों को बताया कि किसी भी प्रकार के शोषण, दुर्व्यवहार अथवा उत्पीड़न की स्थिति में चुप रहने के बजाय अपने अभिभावकों, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दें। उन्होंने बच्चों को बिना किसी भय के सहायता मांगने और समय रहते उचित कदम उठाने के लिए प्रेरित किया।

‘सुरक्षित बचपन अभियान’ का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना, उन्हें असुरक्षित परिस्थितियों की पहचान करने में सक्षम करना तथा बाल अपराधों की रोकथाम के लिए जागरूकता बढ़ाना है। वहीं, डॉ. पीताम्बर अवस्थी द्वारा पुस्तक भेंट किए जाने से कार्यक्रम में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता का संदेश भी जुड़ा।