नई दिल्ली/ऑकलैंड, 11 जुलाई (पीआईबी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान आयोजित स्वागत समारोह में अपने संबोधन में दोनों देशों के संबंधों को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच स्थापित होने जा रही स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप भविष्य के सहयोग की मजबूत नींव बनेगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री और उनकी सरकार का आत्मीय स्वागत एवं सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि करीब 40 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड यात्रा दोनों देशों के रिश्तों में एक नया अध्याय जोड़ रही है। उन्होंने विशेष रूप से एयरपोर्ट पर मिले स्वागत और पूरी यात्रा के दौरान मिले सहयोग की सराहना की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि न्यूजीलैंड के लोगों के बीच भारत के प्रति अपार स्नेह और सम्मान देखने को मिला, जिसने उन्हें भावुक कर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधों में यह एक ऐतिहासिक पड़ाव है, जो नई ऊर्जा और मित्रता के नए संकल्प का प्रतीक है।

उन्होंने भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि इतनी कम अवधि में समझौते को लागू करने की दिशा में मिली सफलता उल्लेखनीय है। इसके लिए उन्होंने न्यूजीलैंड के नेतृत्व, सरकार और पूरी टीम की सराहना की।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के साझा लोकतांत्रिक मूल्य उन्हें स्वाभाविक साझेदार बनाते हैं। साथ ही, समुद्री देशों के रूप में भारत और न्यूजीलैंड का सहयोग इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा को मजबूत करेगा।

उन्होंने विश्वास जताया कि उनकी यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देगी तथा दोनों देश वैश्विक शांति, स्थिरता और सुरक्षा के लिए मिलकर अधिक प्रभावी भूमिका निभाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड विश्व कल्याण के लिए शांति के पक्ष में एक प्रेरक साझेदार के रूप में कार्य कर सकते हैं।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर न्यूजीलैंड सरकार और वहां के लोगों का आत्मीय स्वागत एवं सम्मान के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया।