मुवानी। रामगंगा घाटी की 15 सूत्रीय मांगों को लेकर क्षेत्र के लोगों ने अब आंदोलन का रास्ता अख्तियार करने का ऐलान कर दिया है। सोमवार को मुवानी के 15 सदस्यीय शिष्टमंडल ने उपजिलाधिकारी डीडीहाट के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजकर मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन के जरिए ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया कि यदि 13 सितंबर 2026 तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो 14 सितंबर से तीन दिवसीय क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। इसके बाद भी सरकार और प्रशासन की ओर से सकारात्मक पहल नहीं होने पर 17 सितंबर से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि रामगंगा घाटी लंबे समय से विभिन्न बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है। कई बार मांगें प्रशासन और शासन के सामने रखे जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। अब ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन को निर्णायक चरण में ले जाने का मन बना लिया है।
शिष्टमंडल ने प्रशासन के माध्यम से सरकार को यह संदेश भी दिया कि आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास, मूलभूत सुविधाओं और स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए किया जा रहा है। ग्रामीणों ने मांगों पर सिर्फ आश्वासन के बजाय धरातल पर कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।
ज्ञापन देने वालों में मुवानी के पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य कमल दीप सिंह बिष्ट, ग्राम प्रधान जगत सिंह मेहता, क्षेत्र पंचायत सदस्य राहुल सोनार, उप ग्राम प्रधान शोभन कार्की, पूर्व प्रधान डंबर बहादुर पाल, समाजसेवी राम सिंह राठौर, व्यापार संघ अध्यक्ष सुमित पाल, राजा क्लब मुवानी अध्यक्ष जितेश खनका, व्यापारी संघ कोषाध्यक्ष गोविंद भट्ट, कैप्टन श्याम सिंह कार्की, पूर्व सैनिक मेहर सिंह कठायत, त्रिलोक सिंह बोरा, गोविंद मनौला, संजय पंत और ललित राम मौजूद रहे।
रामगंगा घाटी की 15 सूत्रीय मांगों पर अब गेंद शासन के पाले में है। 13 सितंबर की समयसीमा के बाद आंदोलन किस दिशा में जाता है, यह सरकार की कार्रवाई पर निर्भर करेगा।
— कपिल भट्ट | वाणी न्यूज़


